संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हाईकोर्ट ने चार साल से बड़ी उम्र के बच्चे के लिए भी दुपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया। जिले में इसका कोई असर नजर नहीं आता। हेलमेट लगाना लोग शान के खिलाफ समझते हैं। नियम कायदों को ताक पर रखकर बिना हेलमेट के ही दुपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि पुलिस भी इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आती।
रविवार को टीम ने दु हेलमेट का प्रयोग करने को लेकर सड़कों पर पड़ताल की। शहर में इक्का-दुक्का लोग ही दुपहिया वाहन पर हेलमेट का प्रयोग करते नजर आए। एक अनुमान है कि जिले में मात्र 20 फीसदी वाहन चालक की हेलमेट का प्रयोग करते हैं। जबकि, 80 प्रतिशत चालक बिना हेलमेट के ही दुपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं।
शहर के प्रमुख चौराहे कन्हैया साहिब चौक, देवी अहिल्याबाई चौक, अग्रसेन चौक, प्यारा चौक, महाराणा प्रताप चौक, भगत सिंह चौक पर भी लोग बिना किसी रोक-टोक के बिना हेलमेट के वाहन दौड़ाते नजर आए। चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसे लेकर पूरी तरह से बेपरवाह नजर आए।
दुपहिया वाहन चालकों का हेलमेट का प्रयोग कराने के लिए सख्त नियम बनाए गए थे। इसके लिए बिना हेलमेट वाहन चलाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। जबकि, बार-बार एक ही मामले में चालान होने पर लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान है। लेकिन, पुलिस नियमों का पालन कराने को लेकर गंभीर नहीं है। पिछले 10 माह में जिले में मात्र 1169 वाहन चालकों के ही चालान किए गए हैं।
वाहन चालकों के हेलमेट का प्रयोग करने को लेकर समय समय पर जागरूक किया जाता है। साथ ही चालान और जुर्माने की भी कार्रवाई की जाती है। नियमों का पालन कराने को लेकर सख्ती से अभियान चलाया जाएगा। - राजीव देसवाल, एसपी यमुनानगर।