संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऑनलाइन माध्यम से वह दवाइयां भी मिल रही हैं जो आमतौर पर मेडिकल स्टोर पर बेची नहीं जा सकती। भ्रूण हत्या व अनचाहे गर्भ से बचाव में इस्तेमाल होने वाली एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट न केवल ऑनलाइन धड़ल्ले से बिक रही है, बल्कि इसकी पार्सल से ऑनलाइन डिलीवरी भी की जा रही है। थाना हुडा सेक्टर-17 पुलिस ने पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल की शिकायत पर रितेश कुमार, इंडिया मार्केटो, कालगीगंज, कहल गांव भागलपुर बिहार पर केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एमटीपी किट सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वयं ही किट को ऑनलाइन मंगवाया। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि एमटीपी किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की अवैध रूप से ऑनलाइन सप्लाई की जा रही है। इसकी छानबीन की गई तो पता चला कि यह किट इंडिया मार्केटो शॉपिंग साइट पर उपलब्ध है।
उनकी देखरेख में एमटीपी किट की अवैध ऑनलाइन बिक्री की जांच के लिए नागरिक अस्पताल जगाधरी की ड्रग्स इंस्पेक्टर बिंदु धीमान की टीम का गठन किया गया। टीम ने 11 फरवरी को पांच एमटीपी किट खरीदने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन ऑर्डर किया। जिनकी कीमत करीब 1950 रुपये थी। 12 फरवरी को कंपनी ने उनके ऑर्डर को कंफर्म कर दिया। 16 फरवरी को कंपनी द्वारा भेजे गए पार्सल को उनके कार्यालय में भेजा गया।
डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि एमटीपी किट को बिना डॉक्टर की स्वीकृति के बेचा नहीं जा सकता। जांच करने पर पता चला कि वेबसाइट बिहार से संचालित होती है। इस पर रितेश कुमार का पता था। एमटीपी किट मिलने के बाद रितेश कुमार के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया गया है।