संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। रंगों के उत्सव होली को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। बाजार में होली की खूब रौनक देखने को मिल रही है। बाजारों में दुकानें रंगों और पिचकारियों से अट चुकी हैं और लोगों ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। इस बार प्राकृतिक रंगों की मांग कई गुना बढ़ गई है।
बाजार में कई तरह की ऑटोमेटिक पिचकारियां उपलब्ध हैं। दुकानदार राहुल ने बताया कि इस ऑटोमेटिक पिचकारी में पानी की बौछार के अलग-अलग मोड हैं। धीमी, तेज और मध्यम गति के साथ दूर तक बौछार करने वाली यह पिचकारियां बच्चों को बहुत पसंद आ रही हैं। इसमें एक टैंक भी दिया गया है, क्षमता के अनुसार पानी व रंग भरा जा सकता है।
इसके अलावा सुपर हीरो की पिचकारियां भी बच्चों को पसंद आ रही हैं। बाजार में दस रुपये से 700 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं। होली के कारण दुकानें रंगों से गुलजार हैं। इस बार प्राकृतिक रंगों की मांग काफी ज्यादा है। विक्रेता सौरभ ने बताया कि एक तरफ लोगों ने मिलावटी रंगों से दूरी बना ली है।
दुकानदार भी यह रंग बेचने से परहेज कर रहे हैं। इस कारण इस बार बाजारों में सबसे ज्यादा प्राकृतिक रंग ही देखने को मिल रहे हैं। प्राकृतिक रंगों के दाम में पिछले साल की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत उछाल आया है। बाजार में 20 से 300 रुपये तक के हर्बल रंगों के पैकेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा होली की विभिन्न सामग्री से दुकानें अटी पड़ी हैं। होली के लिए रंगीन विग, टी-शर्ट, स्प्रे, तरल रंग सहित अन्य सामग्री की भरमार है। होली को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।