प्रतापनगर। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत 60 से 65 वर्ष आयु पार कर चुके डिपो संचालकों के लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अदालत के इस फैसले को डिपो धारकों की ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान सुशील मित्तल के मुताबिक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नई नीति लागू करते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु वाले डिपो धारकों के लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने का निर्णय लिया था। इस आदेश से वर्षों से राशन वितरण का कार्य कर रहे अनुभवी संचालकों के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया था। प्रदेशभर के हजारों डिपो धारक इस नीति से प्रभावित हो रहे थे।
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विभागीय निर्णय के विरोध में डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन यमुनानगर ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की। एसोसिएशन की ओर से अदालत में कहा गया कि राशन वितरण व्यवस्था में अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और केवल आयु के आधार पर किसी सक्षम संचालक को हटाना उचित नहीं है। याचिका में यह भी बताया गया कि कई वरिष्ठ डिपो धारक आज भी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपना कार्य कर रहे हैं।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पहले ही विभागीय कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई में अदालत ने डिपो धारकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल उम्र के आधार पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं रोका जा सकता। फैसले के बाद जिलेभर के डिपो संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।