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Yamuna Nagar News: यहां मंदिर-मस्जिद और गुरुद्वारे की दीवारें ही नहीं दिल भी जुड़े

Fri, 27 Feb 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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मंदिर के पुजारी, म​स्जिद के मौलाना और गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी एक साथ।
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कौशिक खान
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छछरौली। जिले का 23 हजार की आबादी वाला गांव छछरौली देशभर में भाईचारे की अनूठी मिसाल बना हुआ है। एनएच-907 पर यमुनानगर से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे की दीवारें इतनी सटी हुई हैं कि वे अलग-अलग धर्मों में लोगों को बांटती नहीं, बल्कि जोड़ने का काम करती हैं।

यहां करीब 10 हजार हिंदू, 7 हजार मुस्लिम, 5 हजार सिख और लगभग एक हजार ईसाई परिवार आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं। खास बात यह है कि आजादी से पहले हो या बाद का दौर, गांव में कभी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। गांव की सबसे बड़ी पहचान पास-पास बने श्री राधा-कृष्ण मंदिर, जामा मस्जिद छछरौली और श्री गुरुद्वारा सिंह सभा छछरौली हैं।
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तीनों धर्मस्थल आजादी से पहले के बने हुए हैं। समय के साथ आबादी बढ़ी तो इनके भवन भी विस्तृत होते गए, लेकिन आपसी प्रेम और विश्वास की नींव पहले जैसी ही मजबूत रही। जामा मस्जिद का 1981 से जिम्मा संभाल रहे 80 वर्षीय हाफिज मोहम्मद यासीन बताते हैं कि 1947 में जब देश के कई हिस्से सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलस रहे थे, तब भी यहा अमन-चैन कायम रहा।

यहां तक कि अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद जब देशभर में तनाव का माहौल बना, तब भी गांव का भाईचारा नहीं टूटा। हर शुक्रवार को लगने वाला बाजार भी इस एकता की मिसाल है। बाजार में मुस्लिम समुदाय के लोग दुकानें लगाते हैं और अन्य सभी धर्मों के लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं।

सरपंच प्रतिनिधि संजीव सैनी का कहना है कि गांव में मनमुटाव की स्थिति भी पंचायत में ही सुलझा ली जाती है। थाना छछरौली में पिछले छह माह से गांव से जुड़ा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। छछरौली आज भी साबित कर रहा है कि जब दिल जुड़े हों, तो दीवारें मायने नहीं रखतीं। संवाद
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अजान, गुरबाणी और भजन से गूंजता सौहार्द का राग

सुबह जब मस्जिद से अजान की आवाज उठती है, उसी समय गुरुद्वारे से गुरबाणी पाठ और मंदिर से भजनों की मधुर ध्वनि सुनाई देती है। पूजा-पाठ के बाद पुजारी, इमाम और ग्रंथी सेवादार अक्सर साथ बैठकर दिन का समय बिताते हैं। गुरुद्वारा सिंह सभा में 20 वर्षों से सेवा दे रहे भाई कंवलप्रीत सिंह बताते हैं कि गांव में कोई भी परिवार मुसीबत में हो, सभी धर्मों के लोग साथ खड़े मिलते हैं। मंदिर के पुजारी ललित शर्मा के अनुसार मंदिर का कम्युनिटी हॉल सभी के लिए खुला है। वहीं लाला खेतरपाल ने गुरुद्वारे के बाहर वाटर कूलर इसलिए लगवाया, ताकि तीनों धर्मस्थलों में आने वाले श्रद्धालु एक ही स्थान से पानी पी सकें।

मंदिर के पुजारी, मस्जिद के मौलाना और गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी एक साथ।

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