संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गर्मी व तपिश हर किसी के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। तेज धूप के साथ चल रही लू ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। गर्मी और तपिश से पशु-पक्षियों का हाल भी खराब है। वीरवार सुबह उमड़ कर आए बादलों ने एक उम्मीद जगाई थी, लेकिन कुछ देर बाद फिर से तेज धूप निकलने लगी।
लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग चेहरे को ढक कर चल रहे हैं। शरीर का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा। सूरज ने तेवर दिखाए तो हर कोई बेहाल हो गया। दोपहर में आसमान से आग बरसी तो तेज धूप में त्वचा झुलसने लगी। दिन में लू के थपेड़े जुल्म ढहा रहे हैं तो रात में भी गरम हवा ने चैन की सांस नहीं लेने दी, क्योंकि रात का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन तक यही स्थिति रहेगी। अभी लू लोगों का इम्तिहान लेगी। सोमवार व मंगलवार को बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में कमी आएगी। वीरवार सुबह आठ बजे से ही धूप में बाहर निकलने पर पसीना छूट रहा था। गर्मी से आमजन के साथ ही पशु-पक्षी भी व्याकुल नजर आए। दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर बहुत कम लोग नजर आए।
गर्मी में परेशान लोगों ने बचने के लिए घर में रहना ही उचित समझा। जरूरी काम होने पर ही वह घर से बाहर निकले। लोग मजबूरी में आवागमन करने के साथ पूरे शरीर को कपड़े से ढके हुए थे। अब घर के अंदर और कार्यालयों में भी राहत नहीं मिल रही क्योंकि पंखा भी गर्म हवा फेंक रहा है।
सतर्कता ही रख सकती है स्वस्थ : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य को लेकर परेशानियां बढ़ना स्वाभाविक है। थोड़ी से सतर्कता और परहेज के चलते हम स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं। इससे हमारी दिनचर्या भी सामान्य बनी रहेगी। इस मौसम में तेज धूप होने से लू लगने की आशंका बढ़ जाती है। शरीर में पानी और नमक की बड़ी मात्रा में कमी हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए हमें पेय पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। सुबह से लेकर देर रात तक पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी, बेल और गन्ने का रस, लस्सी, पानी का सेवन करना चाहिए।