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डेंगू के प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग ने टीमें की गठित, डोर टू डोर की जा रही लारवा की जांच

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स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह जानकारी देते हुए। - फोटो : Yamuna Nagar
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डेंगू के प्रकोप ने स्वास्थ्य विभाग की कमर तोड़ दी। दो माह के भीतर ही 22 कंफर्म और 155 संदिग्ध केस मिले हैं। इससे लोगों में भय की स्थिति बनी है। हालांकि लोग पहले से ज्यादा घरों व आसपास साफ सफाई पर पूरा ध्यान दे रहे, किंतु विभाग द्वारा गठित की गई टीम को जांच में फिर भी घर, गमले, कूलर, पुराने टायर व फ्रिज ट्रे में डेंगू का लारवा मिल रहा है। हालांकि इसे मौके पर ही नष्ट किया गया, किंतु इतनी संख्या में लारवा मिलना भी खतरे से खाली नहीं है।
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रादौर शहर के लोगों को डेंगृू के प्रकोप से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। विभाग की 8 टीमें शहर में घर-घर जाकर घरों में डेंगू का लारवा चैक कर रही है। अभी तक शहर में 20 से अधिक घरों व अन्य संस्थानों में डेंगू का लारवा मिल चुका है। लोगों को विभाग की टीमें जागरूक करने का काम कर रही है।
जानलेवा हो सकता है डेंगू
स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह सहरावत का कहना है रादौर क्षेत्र में डेंगू अपने पांव पसार रहा है। शुरुआत में सामान्य सा लगने वाला यह बुखार देरी या गलत इलाज से जानलेवा साबित हो सकता है। वक्त पर सही इलाज हो तो हालात कंट्रोल में रहते हैं। डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं। डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलता है क्योंकि इस मौसम में मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होती हैं। उन्होंने बताया कि एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता। डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज के खून में डेंगू वायरस बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी मरीज को काटता है तो वह उस मरीज का खून चूसता है। खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में चला जाता है। जब डेंगू वायरस वाला वह मच्छर किसी और इंसान को काटता है तो उससे वह वायरस उस इंसान के शरीर में पहुंच जाता है, जिससे वह डेंगू वायरस से पीड़ित हो जाता है। डेंगू मच्छर काटे जाने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है।
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ऐसे की जाती है जांच
उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस 1) किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है, जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिविटी कम होने लगती है। डेंगू मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए इन उपायों को किया जा सकता है। घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें।
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