संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तीन से चार माह का वेतन रुकने के रोष में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से जुड़े कर्मियों ने लगातार चौथे दिन वीरवार को भी दो घंटे काम नहीं किया। इससे सुबह दस से 12 बजे तक जिला, उप जिला अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही, जिससे यहां मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों को परेशानी हुई।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर एनएचएम से जुड़े डॉक्टर, स्टाफ व अन्य कर्मी गत सोमवार से रोज सुबह 10 से 12 बजे तक हड़ताल कर रहे। कर्मचारियोें ने शुक्रवार को भी दो घंटे तक काम बंद रखा। जिले में एनएचएम के करीब 630 कर्मचारी हैं, जिनमें नर्स, फार्मासिस्ट, एएनएम व अन्य शामिल हैं।
इनकी तैनाती जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर, उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी, सीएचसी व पीएचसी में हैं। इनके जिम्मे ओपीडी की पर्ची बनाने से लेकर विभिन्न जांच व टेस्ट करने, दवा वितरण और टीकाकरण जैसे काम हैं, जो दो घंटे की हड़ताल से वीरवार को बाधित हुए। काम बंद कर एनएचएम कर्मी परिसर में एकजुट हुए।
जिला प्रधान अंजना बख्शी, जिला मंत्री अरुण शर्मा, सलाहकार पूजा रानी, कोषाध्यक्ष सुशील गर्ग ने बताया कि एनएचएम कर्मियों का तीन से चार माह का वेतन रुका हुआ है। इससे कर्मचारियों को घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उनकी मांग है कि बकाया वेतन जल्द जारी हो। साथ ही आगे भी कर्मियों को वेतन निर्धारित समय पर जारी किया जाए। यह मांग पूरी न होने तक 15 अगस्त तक रोज कर्मचारी सुबह 10 से 12 बजे तक काम बंद रखेंगे।