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बुड़िया में डेंगू से महिला की मौत, पति भी पीड़ित

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बुड़िया क्षेत्र में डेंगू से पीड़ित महिला की मौत हो गई। महिला डेंगू से पीड़ित थी और पास के ही चिकित्सक से दो दिन उसका इलाज चला। दोबारा बुखार आने पर कार्ड से महिला का टेस्ट किया गया। जिसमें डेंगू पॉजीटिव पाया गया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर किया गया। परिजन उसे अल्केमिस्ट ले गए, जहां दो दिन में उसकी मौत हो गई। मंगलवार रात को महिला की मौत के बाद बुधवार दोपहर को बुड़िया में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं महिला का पति भी डेंगू से पीड़ित है और उसी के पड़ोस में रहने वाला व्यक्ति भी डेंगू के चलते निजी अस्पताल में भर्ती है। विभाग अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। विभाग के पास महिला से संबंधी कोई जानकारी नहीं है। डेंगू से मौत की खबर उड़ने पर विभाग अब आशा वर्कर की ड्यूटी लगाकर महिला की जानकारी जुटा रहा है।
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दो दिन में हो गई महिला की मौत
बुड़िया निवासी बालकृष्ण भट्ट ने बताया कि उसकी पत्नी 35 वर्षीय बबीता देवी को गत सप्ताह वीरवार को जोड़ों में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। जिसके बाद उसे पास के चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां उसे दवाई दी गई। शुक्रवार सुबह फिर उसे उल्टी की शिकायत हुई और बुखार आने लगा। जिस पर वह उसे डॉक्टर के पास ले गए। जहां उसका टेस्ट किया गया, तो प्लेटलेट्स कम पाए गए। इसके बाद बबीता को ईएसआई में गुलूकोज चढ़ाया और घर ले आए। घर पहुंच कर उसकी तबीयत और खराब हो गई। जिस पर चिकित्सकों ने उसे कार्ड से डेंगू टेस्ट के लिए कहा। कार्ड में ब्लड सैंपल लेने पर डेंगू पॉजीटिव मिला। जिसके बाद वह पत्नी को निजी अस्पताल ले गया। जहां उसके प्लेटलेट्स कम होने के चलते दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा। यहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद पीजीआई रेफर कर दिया। मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई।
डेंगू के 36 मरीजों में तीन बच्चे शामिल
जिले में डेंगू का डंक निरतर जारी है। मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वीरवार को जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। जबकि 396 संदिग्ध मामले हैं। इनमें तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लड़के हैं और एक लड़की है। इनमें महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत है।
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विभाग बोला, डेंगू नहीं संदिग्ध बुखार से हुई मौत
बुड़िया निवासी बबीता देवी की मौत संबंधी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से क्षेत्र की आशा वर्कर को इसी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आशा वर्कर महिला के बारे में पूरी जानकारी जुटा कर विभाग को देगी। वहीं विभाग के पास पंचकूला और जहां उसका इलाज किया गया है वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिसके पास विभाग इसकी पुष्टि करेगा।
महिला के घर के पास से मिला था लारवा, विभाग का दावा कुल दो मरीज
विभाग महिला की मौत को संदिग्ध बता कर भले ही पल्ला झाड़ने की कोशिश करे। लेकिन यह मान रहा है कि जिस मोहल्ले में महिला रहती है वहां पर भारी संख्या में डेंगू के लारवा पाए गए थे। लेकिन लारवा मिलने के बाद भी विभाग की ओर से न तो यहां इसकी रोकथाम के लिए कोई इंतेजाम किया गया और न ही फॉगिंग करवाई गई। विभाग की माने तो बुड़िया में डेंगू के कुल दो ही मरजी हैं। जबकि बालकृष्ण दत्त, जसविंद्र सैनी, बबीता देवी सहित एक दर्जन लोग निजी स्तर पर इलाज करवा रहे हैं।
विभाग डेंगू को लेकर पूरी तरह सतर्क है। व्यापक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए कार्य किए जा रहे हैं। जहां लारवा मिला है वहां काला व मिट्टी का तेल डलवाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में फॉगिंग भी करवाई गई है। महिला की बीमारी के बारे अभी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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डॉ. वागिश गुटेर, जिला मलेरिया अधिकारी।
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