जगाधरी। चरस तस्करी के दोषी मोहल्ला हाजीकरम थाना मिर्जापुर जिला सहारनपुर निवासी अनीस को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। कोर्ट में करीब सवा साल तक चले इस केस की सुनवाई के दौरान 11 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत वीरवार को कोर्ट ने दोषी को सजा सुना दी।
पुलिस के अनुसार 15 दिसंबर 2012 को सब इंस्पेक्टर निर्मल सिंह पुलिस बल के साथ खिजराबाद क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक उत्तर प्रदेश की ओर से नशीले पदार्थ लेकर पैदल यमुनानगर की ओर आ रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी सूचना तत्कालीन डीएसपी बिलासपुर विरेंद्र सिंह को दी। सब इंस्पेक्टर निर्मल के नेतृत्व में गठित टीम ने यमुना ब्रिज ताजेवाला पर नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। कुछ समय बाद पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को पैदल यमुना पुल की ओर देखा। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ शुरू कर दी। जांच के दौरान उसने पुलिस को अपना नाम अनीस निवासी मोहल्ला हाजीकरम थाना मिर्जापुर जिला सहारनपुर बताया। पूछताछ के दौरान डीएसपी विरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी की निगरानी में जब पुलिस कर्मियों ने अनीस की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से एक पॉलीथिन मिला, जिसमें तीन किलो 300 ग्राम चरस थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने 20-20 ग्राम के दो सैंपल तैयार किए और उन्हें जांच के लिए विभाग की लैब में भेज दिया। पुलिस ने अनीस को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट में करीब सवा साल तक चली सुनवाई के दौरान 11 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने अनीस को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने अनीस को 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।