सात दिसंबर 2017 को मकान मालिक दीपक ने उसे फोन कर बताया कि उसकी बहन और पोपीन घर पर नहीं है और बच्चे रो रहे हैं। इस पर वह वहां पर पहुंचा और अपनी बहन की तलाश शुरू की। इस शिकायत पर पुलिस ने पहले आईपीसी की धारा 365 का केस दर्ज किया था। इसके सात दिन बाद बिंदू का शव पश्चिमी यमुना नहर से बरामद किया गया था। तब पुलिस ने इस मामले में पोपीन के खिलाफ धारा-302 दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी पोपीन को गिरफ्तार किया था।
दो परिवार का खर्च नहीं चला पाने पर की थी हत्या
पूछताछ में आरोपी पोपीन ने कबूल किया था कि बिंदू व उसके बच्चों को साथ रखने से उस पर दो परिवारों का खर्च बढ़ गया था। वह दो परिवारों का खर्च नहीं चला पा रहा था। इसलिए उसने बिंदू को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बनाई। उसे राशन का सामान लेने के बहाने बुलाकर अपने एक दोस्त के साथ मिलकर मारपीट कर नहर में फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने अपनी जांच में उसके दोस्त का इस वारदात में कोई हाथ नहीं मिला था। वहीं मृतका की बेटी ने भी पुलिस को बताया था कि उसकी मां को मारपीट करते हुए नहर किनारे ले जाया गया और उसे नहर में फेंक दिया गया।