संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने वीरवार को जगाधरी के कैल स्थित जाट चौक पर हरिद्वार चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने दो घंटे नेशनल हाईवे के बीच बैठे रहे। इस दौरान जगाधरी, पंचकूला, सहारनपुर की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर ट्रैक्टर व गाड़ियां खड़ी कर दी गई। वहीं भाकियू पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस, स्कूल वाहन, शादी की गाड़ियों व अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ते देने की घोषणा की। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू जिला निदेशक मनदीप सिंह रोडछप्पर ने किया।
प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन चढूनी के आह्वान पर दिल्ली कूच आंदोलन के समर्थन में बुलाया गया था। भाकियू ने दो घंटे नेशनल हाईवे जाम करने की घोषणा की थी। इस दौरान किसानों ने दोपहर 12 से दो बजे तक नेशनल हाईवे जाम रखा और सरकार के खिलाफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कई लोग परेशान होकर उसी रास्ते से उलटे ही लौट गए। प्रदर्शन को लेकर किसान सुबह 11 बजे ही कैल के जाट चौक पर एकत्रित होने लगे थे। वहीं प्रशासन की ओर से पुलिस बल पहले ही तैनात कर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अनुरोध किया। वहीं किसानों ने पुलिस से सहयोग की मांग की। इस दौरान प्रदर्शन पूरी तरह शांति पूर्ण रहा, किसी प्रकार का हंगामा नहीं हुआ। दोपहर दो बजे किसानों ने हाईवे खाली कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने यातायात बहाल करवाया। इस दौरान कुछ बाइक सवारों की किसानों से मामूली बहस हुई। किसानों ने उन्हें भी जाने का रास्ता दिया।
प्रदर्शन की शुरुआत दाता सिंह खनौरी बॉर्डर पर मारे गए 21 वर्षीय युवक व किसान की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रख कर की गई। इस दौरान मनदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि सरकार उनकी आवाज दबा रही है। किसानों की आवाज दबाने के लिए सरकार आंसू गैस के गोले, लाठियां व रबड़ की गोलियां छोड़कर बंदूकों का इस्तेमाल करने लगी है। बुधवार को आंदोलन में युवक व किसान दो लोगों की जान चली गई। जबकि पुलिस इसकी जिम्मेदारी लेने के बजाए अपना पल्ला झाड़ रही है। गुरवीर कपूरी ने कहा कि यह सांकेतिक प्रदर्शन है। यदि सरकार ने किसानों को दिल्ली नहीं जाने दिया और बल प्रयोग बंद नहीं किया तो पहले की तरह बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस नेेता हरपाल सुढल भी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझ कर किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही है। दाता सिंह खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की गोली से 21 वर्षीय युवक सहित एक किसान की मौत हो गई है। वहीं पुलिस इससे पल्ला झाड़ रही है। उल्टा पुलिस व प्रशासन किसानों को उपद्रवी बता कर आरोप लगा रहा है कि 12 पुलिस वालों को घायल कर दिया है। हरपाल ने कहा कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने का सरकार कारण स्पष्ट करे। दिल्ली किसानों की राजधानी है और वे जाकर रहेंगे। इस दौरान गुरवीर सिंह, संदीप टोपरा, गुरमेज सिंह, पप्पल, रवि मठानिया, परमजीत सिंह धीमान, सतपाल सिंह, कुलवंत सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
एंबुलेंस व सेना की गाड़ी को दिया रास्ता
जाम से पहले ही भाकियू निदेशक ने एंबुलेंस व अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने की बात कही थी। प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे से पांच एंबुलेंस निकलीं। सभी एंबुलेंस को बिना रोक साइड से निकलने का पूरा रास्ता दिया गया। वहीं इस दौरान सहारनपुर की ओर से सेना का ट्रक भी पहुंच गया। किसान सड़क के बीच बैठे हुए थे। सेना का ट्रक देखते ही सभी खड़े हो गए और उन्हें निकलने का रास्ता दिया। इस दौरान किसानों ने हाथ हिलाकर, सैल्यूट व अन्य तरीकों से सैनिकों का अभिनंदन किया। किसानों ने जय जवान जय किसान के नारे लगाए।