आखिरकार सरकार ने गेस्ट टीचराें को सरप्लस बताकर उनका रोजगार छीन ही लिया। सोमवार को जिले के 229 अतिथि अध्यापकाें को नौकरी से हटा दिया गया। सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से इन अध्यापकाें को नौकरी से हटाए जाने के लेटर जारी किए गए।
अब इन अतिथि अध्यापकों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जिले के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को इन अतिथि अध्यापकों को सेवामुक्त करने के लेटर भिजवा दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित स्कूलों में रिलीव लैटर भिजवाए जा रहे हैं। हटाए गए अतिथि अध्यापकों में से 129 एसएस, 59 मैथ और 41 हिंदी के हैं। हटाए गए अतिथि अध्यापकों में सबसे अधिक छछरौली खंड के स्कूलों में कार्यरत हैं।
अतिथि अध्यापकों को नौकरी से हटाए जाने के बाद इन स्कूलों में अध्यापकों की कमी होना स्वाभाविक है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। हालांकि विभाग के अधिकारी इस समस्या को समय रहते दूर करने की बात कह रहे हैं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आनंद चौधरी ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से रेशनेलाइजेशन की जा रही है। इसके तहत जिन स्कूलों में अध्यापक अधिक हैं, उन्हें दूसरे स्कूलों में स्थायी रूप से भेजा जा रहा है। जिन स्कूलों से अतिथि अध्यापक हटाए गए हैं, वहां जल्द ही दूसरे अध्यापक भेज दिए जाएंगे।
डीईईओ कार्यालय पर कर्मचारी संगठनों समेत गरजे गेस्ट टीचर्स
यमुनानगर। सरप्लस अध्यापकों को हटाने और गेस्ट टीचरों को नियमित न करने के विरोध में जिले के गेस्ट टीचर्स ने सेक्टर-18 स्थित डीईईओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उनका समर्थन करने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते अध्यापकों को हटाने के आदेश वापस लेकर गेस्ट टीचरों को नियमित नहीं किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे और अगली रणनीति धर्म-परिवर्तन व आरएसएस की वर्दियां जलाने की होगी।
सोमवार सुबह ग्यारह बजे जिले के सैकड़ों गेस्ट टीचर्स प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतपाल शर्मा व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार के नेतृत्व में हुडा सेकटर-18 स्थित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) कार्यालय के समक्ष इकट्ठे हुए। गेस्ट टीचरों के समर्थन में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंधित महासंघ) से प्रदीप सरीन, कृष्ण सैनी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीईईओ कार्यालय के मुख्य गेट से प्रवेश कर अंदर परिसर में धरना देकर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी अध्यापक सतपाल शर्मा ने कहा कि भाजपा ने गेस्ट टीचर्स को पक्का करने का वादा किया था लेकिन अब तो सरकार ने इन अध्यापकों का रोजगार ही छीन लिया। जिला प्रधान श्याम कुमार ने कहा कि सरकार समय रहते अतिथि अध्यापकों को पक्का करे । प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बलदेव शास्त्री ने भी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों के साथ तानाशाही व धक्काशाही न करें।
रोजगार छीनने के बजाय रोजगार नियमित करने का काम करे। मुस्तफाबाद ब्लॉक अध्यक्ष नितिन लांबा ने कहा कि 1600 गेस्ट टीचरों में से लगभग तीन हजार अध्यापक परिवाराें सहित आरएसएस के सदस्य हैं, वे सब आरएसएस का त्याग कर इनकी वर्दियों को जलाएंगे तथा धर्म परिवर्तन से भी पीछे नहीं हटेंगे। धरने-प्रदर्शन को सभी ब्लॉक अध्यक्षाें जगवंत सिंह, भूषण जगदीश, जगदीप, सुमन बख्शी, जितेंद्र और अध्यापक संघ के प्रदीप सरीन ने संबोधित किया।