अमर उजाला ब्यूरो। जीएसटी लागू होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसे लेकर व्यापारी भी पशोपेश में हैं। कोई इसे व्यापारियों के हित में मान रहा हैं तो कोई इससे संतुष्ट नहीं है। जीएसटी के प्रति व्यापारियों की क्या राय है, अमर उजाला ने इसे जानने का प्रयास किया।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान बलदेव सेठ का कहना है कि जीएसटी पूरी तरह व्यापारियों के हित में है। इससे इंस्पेक्टरी राज से छुटकारा मिलेगा। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है।
उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा के अध्यक्ष महेंदर मित्तल की माने तो सरकार जो जीएसटी बिल लाने जा रही है। उसका व्यापारी वर्ग स्वागत करता है। लेकिन जिस तरह से सरकार इस बिल को लेकर आ रही है, उससे कोई कामयाबी मिलती नजर नहीं आ रही है। इसमें एक देश एक टैक्स की बात की गई थी। लेकिन आज इसमें भी तीन तरह के फार्म हैं। इन्हें भरने में व्यापारी को परेशानी आ सकती है।
गारमेंट्स व्यवसायी संजय मित्तल का कहना है कि इसे लागू करने से पहले कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। सरकार जो जीएसटी बिल लागू करने जा रही है। वो पूरी तरह से कंप्यूटराइज होगा। जबकि आज व्यापारी वर्ग अभी पूरी तरह से हाईटेक नहीं है। इससे व्यापारी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
व्यापारी संजय अग्रवाल का कहना है कि सरकार जो जीएसटी बिल लाने जा रही है, उसका फायदा आम जनता को तो मिलेगा। लेकिन कही न कही व्यापारी के लिए इसमें कई दिक्कतें हैं। अगर कोई भी चूक होती है तो इसमें सजा का प्रावधान भी ही है। इससे व्यापारी को दिक्कत आ सकती है। सबसे पहले तो सरकार ने जो एक समान कर की बात कही है, उसे लागू करे तब इससे कामयाबी मिल सकती है। क्योंकि आज देश में एक समान टेक्स नहीं है।
व्यापारी राजकृष्ण ने कहा कि जीएसटी से आम लोगों को तो फायदा होगा ही। साथ ही व्यापारी वर्ग को भी लाभ मिलेगा। इससे दुकानदारों की कागजी कार्यवाही तो कम हो जाएगी पर कही ना कही अफसरशाही हावी हो सकती है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और व्यापारी वर्ग को संतुष्ट करना चाहिए।
रेडीमेट गारमेंट्स विक्रेता रवि अठाले ने कहा कि जीएसटी लागू करने का हर व्यापारी स्वागत करता है। इससे सभी को लाभ होगा। लेकिन जीएसटी को लेकर व्यापारी थोड़ा आशंकित हैं। सरकार को व्यापारियों के दिलों में बैठे डर को निकालना चाहिए।