साढौरा। किसी स्कूल की पहचान उस विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों से होती है। यदि विद्यालय के मुक्तांगन में सफाई के साथ बच्चों में अनुशासन भी नजर आए तो वह स्कूल सफलता की नई इबारत लिखता है। गांव रामपुर अराइयां के राजकीय माध्यमिक विद्यालय को सीएम सुंदरीकरण के तहत खंड स्तर पर पहला स्थान मिला है। ऐसे में स्कूल को सुंदर खिताब से नवाजा गया है। जिले में सुंदर स्कूल के लिए प्रथम स्थान पर मिलने पर एक लाख रुपये का पुरस्कार शिक्षा विभाग द्वारा भी दिया गया है।
डीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए गत वर्ष आवेदन किया था। इसके बाद स्कूल में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा गया। यही नहीं स्कूल में विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने के साथ ही सभी सुविधाएं मुहैया करवाई गईं। स्कूल मेें शैक्षणिक गतिविधियां बेहतर तरीके से चलाने और विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास की तरफ भी ध्यान दिया जाता है। शिक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी ने निरीक्षण करने के बाद साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के आधार पर अंक दिए थे। इसमें स्कूल को जिले में प्रथम स्थान मिला है।
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सुंदरीकरण के लिए मानदंड का रखा जाता है ख्याल
विनोद बताते हैं कि सीएम सुंदरीकरण के जो मानदंड होते हैं उनके अनुरूप स्कूल स्टाफ की टीम बनाकर अधिकारियों के दिशा निर्देश से स्कूल में बेहतर कार्य किए जाते हैं जिनके परिणाम सबके सामने होते हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। वह जो तय कर लेते हैं उसे पाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल को मिली इनामी राशि विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक विकास व स्कूल के सुंदरीकरण के कार्य पर खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूल को सुंदर बनाने व बेहतर रखरखाव में स्टाफ सदस्य बलविंद्र सिंह, वीणा वर्मा, माया कुमारी, संजय कुमार, अंग्रेजो देवी, मोहिंद्र कुमार, बलराज सिंह आदि का विशेष योगदान रहा है।