संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। गढ़ी विरान गांव में पशुपालक अब्दुल्ला की छान में सोमवार देर रात आग लगने से वहां रखे सामान के अलावा उसके परिवार के सभी सपनों को भी राख में बदल दिया। अब इस परिवार के पास न छत बची है और न ही खाने व पहनने के लिए कुछ ही बचा है। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चला है।
अब्दुल्ला ने बताया कि देर रात को जब उसका परिवार चैन की नींद ले रहा था तो वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने उसकी छान में आग लगी होने बारे शोर मचाया। शोर सुनकर सबसे पहले बच्चों व परिवार के सदस्यों को आग से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद सामान को बचाने का प्रयास शुरु करने तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी।
इससे किसी की भी हिम्मत नहीं हुई कि छान में से सामान को बाहर निकाला जा सके। आग लगने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच कर आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए। इसी दौरान फायर बिग्रेड भी वहां पहुंच गई। जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक अब्दुल्लल्की छान में रखा सारा सामान राख हो चुका था।
इस भीषण आग के कारण छान में रखा अनाज, राशन, बर्तन, कपड़े, चारपाई व कागजात सभी राख हो गए। कुछ समय पहले ब्याही अब्दुल्ला की बेटी के दहेज का सामान भी यहीं रखा था, वो भी इस आग की भेंट चढ़ गया। अब उनका परिवार उनके पड़ोस में ही बसे दामाद के घर पर शरण लिए हुए है।
कल्याणपुर पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि जुल्फान ने बताया कि अग्निकांड की इस घटना के बारे में उन्होंने सुबह ही प्रशासन को सूचित कर दिया था। इसके बाद नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और मदद का आश्वासन दिया। लेकिन तत्काल आर्थिक मदद साढौरा प्रेस क्लब के सदस्यों द्वारा उपलब्ध करवाई गई। इस ग्रुप के सदस्यों ने मिल जुलकर लगभग 50 हजार की मदद इस परिवार को की है। जुल्फान अली ने इसके लिए क्लब के सदस्यों का आभार प्रकट किया।