फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को बचपन की मस्ती थमाएं : श्याम

Sat, 30 Aug 2025 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
बैठक के दौरान मौजूद आयोग व श्रम निषेध के अ​धिकारी। डीआईपीआरओ
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्यों ने बाल श्रम निषेध पर डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स के साथ बैठक की। इसमें आयोग सदस्य श्याम शुक्ला ने कहा कि बच्चों को जिम्मेदारी का बोझ नहीं, बचपन की मस्ती थमाएं। बचपन हंसता-खेलता हो, इसके लिए समाज में बाल श्रम पर लगाम लगानी होगी।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में काम करना अपराध ही नहीं अमानवीय कृत है, यह बच्चे का जीवन नष्ट कर देता है। उन्होंने श्रम विभाग ने जिले में बाल श्रम निषेध की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में पुलिस, श्रम, बाल संरक्षण, रेडक्रॉस, मानव तस्करी निषेध इकाई, शिक्षा विभाग से अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन

आयोग सदस्यों ने नगराधीश पीयूष गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ बाल श्रम अधिनियम व कार्यप्रणाली पर चर्चा की।आयोग सदस्य अनिल कुमार ने कहा कि आयोग से सदस्य अनिल कुमार ने कहा बचपन मासूम होता है। सही गलत का फर्क नहीं जानता। ऐसे में यह जरूरी है कि बच्चों का बचपन बाल श्रम से मुक्त हो। इसके लिए प्रयास करने होंगे।
मजबूरियों के कारण कम उम्र में ही जिम्मेदारी का बोझ नन्हे कंधों पर आ जाता है। हंसता-खेलता बचपन दम तोड़ देता है। बाल श्रम के बंधन को तोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। सभी विभागों को समन्वय बनाते हुए बाल श्रम के कुचक्र को तोड़ना होगा। कानून में बाल श्रम के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
विज्ञापन

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का उद्देश्य हर बचपन सुरक्षित करना है। बाल श्रम जैसे अभिशाप से बचपन मुक्त हो, इसके लिए मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल श्रम रोकथाम व पुनर्वास के कार्य किए जा रहे हैं। बाल श्रम अपराध है, इस पर लगाम लगाने के लिए सभी को सहयोग करना होगा। समाज को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें