प्रदेश में कन्याओं की जन्म दर भले ही घट रही है, लेकिन जिले में इसमें सुधार नजर आ रहा है। दो साल की तुलना में इस वर्ष जून तक कन्याओं के जन्म का ग्राफ बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम से साल के अंत तक कन्या जन्म दर में काफी सुधार आ जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल जून तक जिले में प्रति एक हजार लड़कों पर औसत 888 कन्याओं ने जन्म लिया है। जबकि वर्ष 2014 में कन्या जन्म दर 849 और वर्ष 2013 में 877 थी। वर्ष 2015 में प्रत्येक माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कन्याओं के जन्म के मामले में फरवरी और मार्च काफी सुखद रहे हैं। फरवरी में जिले में सैक्स रेशियो 945 और मार्च में 969 रहा।
वहीं अप्रैल, मई और जून में यह क्रमश : 861, 838 और 881 रहा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में कन्या जन्म दर कम हुई है, जबकि शहरी क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है।
लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग जुलाई में काफी सक्रिय रहा। इस महीने में लिंग जांच और अवैध गर्भपात के पांच मामले पकड़े गए। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या का एक मामला सहारनपुर में जाकर पकड़ा।
कब-कब पकड़े मामले
दो जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साढौरा में एक आरएमपी को शर्तिया लड़का होने की दवा बेचने के आरोप में पकड़ा। उसके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
दो जुलाई को रंजीतपुर में अवैध रूप से गर्भपात करने वाली एक महिला के खिलाफ एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी) एक्ट और आईएमसी (इंडियन मेडिकल काउंसिल) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। उसके घर से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाएं मिली थीं।
दो जुलाई को जगाधरी वर्कशाप क्षेत्र के गुरु तेग बहादुर नगर में एक दवा विक्रेता के खिलाफ आईएमसीए एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। दवा विक्रेता के स्टोर पर कुछ एक्सपाइरी दवाएं और लूज सिरिंज, पट्टी का सामान और कुछ दवाओं के खुले पत्ते मिले थे।
7 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने योजना बनाकर सहारनुपुर में लिंग जांच और कन्या भ्रूण का गर्भपात करने वाले एक यूनानी डाक्टर और उसके एक दलाल को गिरफ्तार करवाया। दोनों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस डाक्टर के क्लीनिक से अवैध रूप में इस्तेमाल की जा रही अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया।
31 जुलाई को जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल की लेडी डॉक्टर सोना गोयल को लिंग जांच करते पकड़ा गया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। आरोपी डॉक्टर से लिंग जांच करवाने के एवज में लिए गए 15 हजार रुपये भी बरामद किए गए। डॉक्टर के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
कोई डाक्टर पकड़ा गया तो आईएमए नहीं करेगी बचाव : डॉ. अग्रवाल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से सभी सदस्य डॉक्टरों को हिदायत दी गई है कि यदि कोई डॉक्टर ऐसा करता पकड़ा गया तो एसोसिएशन उसका बचाव नहीं करेगी। बेटी को बचाने में उनकी एसोसिएशन भी सहयोग कर रही है। कुछ माह पूर्व एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने अपने परिवार केे सदस्यों के सामने शपथ ली थी कि वे लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या नहीं करेंगे।
पिछले छह महीने में सेक्स रेशियो में सुधार आया है। लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लगातार काम किया जा रहा है। जुलाई में पांच मामले पकड़े गए हैं। विभाग की सख्ती से लिंग जांच में काफी कमी आई है। इसके नतीजे अगले छह महीने में नजर आएंगे। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक जिले का सेक्स रेशियो प्रदेश मेें सबसे बेहतर रहेगा।
डॉ. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, मुकंद लाल सिविल अस्पताल व पीएनडीटी इंचार्ज