राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य चौधरी ईश्वर सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में यदि कोई भी संबंधित विभाग लापरवाही बरतेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। आयोग को विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अनुसूचित जाति पर अत्याचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करें।
ईश्वर सिंह ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से अनुसूचित जाति के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की।
ईश्वर सिंह ने शिक्षा स्तर पर जोर देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे आगामी बैठक में अनुसूचित जाति के बच्चों की सही रिपोर्ट लेकर आएं। उन्होंने शिक्षा अधिकारी से यह भी पूछा है कि स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं पढ़ते? उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के स्तर पर ही बच्चों में अंतर पैदा कर दिया जाएगा तो समाज में बराबरी कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि पांच साल में पूरे देश में लगभग चार लाख बच्चों ने किन्हीं कारणों के चलते बीच में ही पढ़ाई छोड़ी है और इनमें 40 प्रतिशत बच्चे अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति की गरीब लड़कियों के लिए छात्रावास बनाने के लिए सरकार अनुदान राशि प्रदान करती है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह, जगाधरी के एसडीएम प्रेम चंद, नगराधीश बिजेंद्र सिंह, डीआरओ सतीश भारद्वाज, डीएसपी सुभाष चौधरी, उषा, डीआईओ रमेश गुप्ता, डीडीपीओ गगनदीप सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।