फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग को अगवा करने के आरोपी युवक को बरी कर दिया। इस मामले में जब आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था तब वह करीब 17 साल का था। लेकिन उसका केस जुवेनाइल कोर्ट की बजाए फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला था। कोर्ट में लड़की और उसकी मां बयान से मुकर गई। इस पर केस कमजोर पड़ गया और आरोपी कोर्ट से बरी हो गया।
बिलासपुर क्षेत्र निवासी एक महिला की शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने 19 अगस्त 2017 को केस दर्ज किया था। महिला का आरोप था कि पानीपत निवासी युवक उसकी बेटी को अगवा ले गया। बाद में पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था। लड़की के बयान कराए गए और पुलिस ने मामले में चार पोक्सो एक्ट की धारा जोड़ी थी। इस मामले में तभी से सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। कुछ दिन जुवेनाइल कोर्ट में सुनवाई चली, लेकिन बाद में आरोपी को जुवेनाइल न मानते हुए सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दी थी।