संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में गंगा दशहरा पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। तड़के मंदिरों में भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने पूजा की। मंदिरों में भजन-संकीर्तन व अन्य कार्यक्रम हुए। इसके अलावा शहर सहित जिले के अन्य यमुना घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। घाटों पर श्रद्धालुओं ने धूप, दीप, मिष्ठान, मछलियों को चारा इत्यादि अर्पित किया।
गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों की ओर से छबीली व भंडारे लगाए गए। अमादलपुर स्थित सूर्यकुंड मंदिर के पुजारी सुरेश ने बताया कि सनातन परंपरा में गंगा दशहरा का बहुत महत्व है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मां गंगा लोक कल्याण के लिए बैकुण्ठ धाम छोड़कर धरा पर अवतरित हुईं थीं। इसीलिए ज्येष्ठ माह की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है।
इस दिन गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से अनजाने में हुए सभी पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दौरान शहर के पश्चिमी यमुना घाट, पुराना हमीदा घाट, चिट्टा मंदिर घाट, बूड़िया घाट सहित कलानौर, गुमथला, लाल छप्पर, संधाला, जठलाना, उन्हेडी, पौबारी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा कर परिवार के मंगल व समृद्धि की कामना की। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भी घाटों पर पुलिस तैनात रही। गुमथला व जठलाना के घाटों पर गोताखोर का दल भी तैनात रहा।
भगवान परशुराम सभा ने लगाया भंडारा
रादौर। भगवान परशुराम सभा की ओर से गंगा दशहरा पर वीरवार को त्रिवेणी गार्डन पैलेस में वार्षिक भंडारा करवाया गया। इस दौरान हवन करवाया गया। सभा के मुख्य संयोजक पंडित कुलदीप वशिष्ठ बबलू के नेतृत्व में लोगों ने आहुतियां देकर मंगल कामना की। पंडित कुलदीप वशिष्ठ बबलू ने बताया कि गंगा दशहरा पर हर वर्ष भंडारा करवाया जाता है। सभी लोग तन मन धन से सहयोग करते हैं। इस दौरान चेयरमैन धर्म सिंह बंचल, सुरेंद्र बंचल, राजबीर बंचल, जसवंत सिंह, अनिल सैनी, सुदेश सैनी काला, अजय नामदेव, गोल्डी सिंह, आशु बावा, रोशन लाल पूर्व सरपंच अंटावा सहित मौजूद रहे। संवाद
छबील लगाकर बुझाई प्यास
रादौर। गंगा दशहरा पर यमुना नदी के लालछप्पर घाट पर वीरवार को गांव पालेवाला के ग्राम वासियों की ओर से मीठे पानी की छबील लगाई गई। श्रद्धालुओं को मीठा पानी पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। कोच अमित राणा पालेवाला ने कहा कि गंगा दशहरा स्नान हमारी परंपरा और सभ्यता का प्रतीक है। यह स्नान हज़ारों वर्षों से चला आ रहा और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक मील का पत्थर है। इस दौरान दीपक राणा पालेवाला, संदीप राणा लालछप्पर, सतीश पुंडीर पालेवाला, संदीप पालेवाला, रिंकू राणा पालेवाला, एडवोकेट मनोज चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद
राहगीरों को पिलाया जलजीरा
रादौर। क्षेत्र में गंगा दशहरा पर रादौर, फतेहगढ़, राझेडी, कंडरौली, गुमथला में मीठे पानी व जलजीरे की छबील लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई गई। शहर की औड़ कॉलोनी में भी गंगा दशहरा पर लगाई। छबील में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के बेटे नेपाल राणा पहुंचे। यहां नेपाल राणा ने कहा कि युवाओं को समाज सेवा के कार्यों में आगे आना चाहिए। इस दौरान पार्षद राजीव आर्य सन्नी, चंद्रभान, नन्हाराम, हेमराज, पूर्णचंद, हर्ष, सुरजीत, सचिन, प्रीतम, कार्तिक, मुकेश, सूरज, कमल, साहिल, निखिल, संजय सहित मौजूद रहे। संवाद