संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसपी अस्पताल जगाधरी में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल पट्टी छोड़ने की जांच करने के लिए चार अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम जगाधरी सोनू राम होंगे। उनके अलावा कमेटी में सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ और डीएसपी को भी शामिल किया गया है।
डीसी कार्यालय की तरफ से इस संबंध में सभी अधिकारियों को पत्र भेज कर जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इससे पहले अस्पताल के डॉक्टरों पर गर्भवती महिला की डिलीवरी में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। कुछ दिन बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इस पर बच्चे के पिता की तरफ से इसकी शिकायत सीएम विंडो पर दी गई थी।
मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य समेत अन्य अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी। इस पर परिजनों ने एतराज जताया था। इस बार मामले की जांच खुद एसडीएम कर रहे हैं। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि बीबीपुर गांव निवासी ओसामा ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करने के बावजूद डॉक्टर अनूप गोयल पर एसपी अस्पताल में ऑपरेशन कर रहे थे। नियमानुसार सरकारी पद पर रहते हुए कोई भी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकता।
महिला के पति ने डॉक्टर और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों के खिलाफ डीसी को दी थी शिकायत
ओसामा ने तीन जून को डीसी पार्थ गुप्ता को शिकायत दी थी कि 12 मार्च को वह अपनी गर्भवती पत्नी मेहर खातून को जगाधरी के एसपी अस्पताल में 12 मार्च को लेकर गया था। 13 मार्च को अस्पताल की महिला डॉक्टर व उसके पति ने सिजेरियन ऑप्रेशन किया। बेटे का जन्म होने के बाद वह 15 मार्च को अस्पताल से छुट्टी करवा वह घर चले गए। कुछ दिन बाद मेहर खातून के पेट में दर्द होने लगा। जिसका उपचार बूड़िया के एक निजी अस्पताल में कराया गया। उसने डॉ. प्रदीप से अल्ट्रासाउंड कराया तो उन्होंने टांकों में मामूली पस होने की बात कही। इसी तरह मेहता अल्ट्रासाउंड केंद्र से भी उन्हें पस होने की रिपोर्ट दी गई। जब उसने पंचकूला के निजी अस्पताल में पत्नी का उपचार कराया तो वहां उसके पेट में सर्जिकल पट्टी होने की बात कही गई। ओसामा ने आरोप लगाया था कि अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों ने एसपी अस्पताल के डॉक्टरों से मिलीभगत करके उन्हें गलत रिपोर्ट दी। जिससे उसकी पत्नी की जान को खतरा पैदा हो गया।
मामले की जांच के संबंध में डीसी कार्यालय से पत्र आया है। कमेटी के चेयरमैन एसडीएम जगाधरी होंगे। कमेटी में मुझे, डीएसपी व सीडीपीओ को भी शामिल किया गया है। जो भी रिपोर्ट में आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन यमुनानगर।