यमुनानगर। गैंगवार में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में पांच पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं अब पुलिस के स्थानीय खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दोनों पक्षों में काफी समय से रंजिश चल रही थी।
इसके बाद भी पुलिस के पास इस मामले के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को रादौर के खेड़ी लक्खा सिंह गांव में जिम के बाहर तीन लोगों की हत्या के मामले में सभी पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने और घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम न उठाने के आरोप हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास पहले से इस तरह की वारदात को लेकर कोई इनपुट नहीं था। जैसे ही सूचना मिली तो मात्र तीन मिनट में वह मौके पर पहुंच गए थे। पुलिसकर्मियों का यह दावा कई सवाल पैदा कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में अब पुलिस के स्थानीय खुफियातंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। जिले में शराब के कारोबार को लेकर काफी समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। जिसमें दो पक्ष आमने सामने थे।
एक साल पहले ही इस घटना में मरने वाले अर्जुन पर फायरिंग हुई थी। जिसमें दूसरे पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन, पुलिस के पास इसका कोई इनपुट नहीं था।