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मशीनरी बेचने के नाम पर फैक्टरी संचालक से 12 लाख रुपये लेकर हड़पे

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प्लाइवुड फैक्टरी में लगाने के लिए मशीनरी बेचने के नाम पर मालवीय नगर निवासी अरूण मित्तल से कुछ लोगों ने 12 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप जगाधरी की शिव भोला पैनल्स प्लाइवुड ब्लैक बोर्ड के प्रोपराइटर राज कुमार आहूजा व उसके उसके परिवार के पांच अन्य सदस्यों पर लगा है। रुपये न देने पर जबकि मित्तल ने शिकायत पुलिस को दी तो एक अन्य आरोपी ने मिलकर उनका समझौता करवा दिया और रुपये दिलाने की स्वयं जिम्मेदारी ली। लेकिन आरोपियों ने समझौता करवाने वाले आरोपी को पहले ही मशीनरी दी हुई थी। उसने परेशान होकर शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी राजकुमार समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
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मालवीय नगर निवासी अरूण मित्तल ने शहर जगाधरी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे सचिन मित्तल को छप्पर में प्लाइवुड फैक्टरी लगानी थी। इसके लिए उन्हें मशीनरी इंटरकॉम प्रेस चाहिए थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात शिव भोला पैनल्स प्लाइवुड ब्लैक बोर्ड तेजली गेट के प्रोपराइटर गांधी धाम निवासी राजकुमार आहूजा से हुई। उसने कहा कि वह उन्हें मशीनरी दिला देगा। इसके लिए उसने अपने घर बुलाया। वे जब उसके घर पर गए तो वहां पर उसके परिवार सदस्य गगन, साजन, सीमा, पूनम, शिवानी मौजूद थे। इस दौरान आरोपी राजकुमार ने अपने परिवार सदस्यों के साथ मिलकर उसे 12 लाख रुपये में मशीनरी दिलाने की बात कहीं। सौदा तय होने के बाद उसने उनके अकाउंट में 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। तब उन्होंने कुछ समय बाद मशीनरी उसके घर पहुंचाने की बात कहीं। लेकिन काफी समय निकल जाने के बाद भी उन्हें मशीनरी नहीं मिली। जब भी मशीन की बात कहते थे तो आरोपी कहते थे जल्द ही मिल जाएगी। काफी समय बीतने पर भी मशीनरी न मिलने पर उसने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने उसे रुपये देने से साफ मना कर दिया। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। तब उनका पंचायती फैसला हुआ और उन्होंने जल्द पैसे वापस करने की बात कही, लेकिन तब भी पैसे नहीं दिए। इसके बाद उन्होंने दोबारा शिकायत दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को इकोनोमिक सैल में बुलाया। वहां पर जांच हुई तो मॉडल टाउन निवासी नरेंद्र सिंह वहां पर आया। उसने कहा कि वह उसके रुपये दिलाने की जिम्मेदारी लेता है और छह माह में उनके पैसे वापस मिल जाएंगे। नरेंद्र की जिम्मेदारी पर उन्होंने तब भी समझौता कर लिया। लेकिन आरोपी ने फिर भी उसके रुपये नहीं दिलवाए। अपने स्तर पर उसे पता चला कि जो मशीन आरोपियों ने उसे देनी थी, वह नरेंद्र के कब्जे में है। आरोपियों ने अपनी फैक्टरी से मशीनें खुर्द बुर्द कर दी है। यह सब सबूत मिटाने के लिए गया गया है। आरोपी नरेंद्र ने आरोपियों के साथ मिलकर उससे समझौता करने की प्लानिंग बनाई थी। ताकि केस दर्ज न हो और पुलिस अधिकारियों को भी गुमराह किया जाए। उसने परेशान होकर फिर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। इस बार शहर जगाधरी पुलिस ने सभी आरोपियों पर साजिश रचकर धोखाधड़ी करने, पुलिस को गुमराह करने के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
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शहर जगाधरी थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच कर रहे है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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