साढौरा। कस्बे में स्थित कृष्णा मंदिर के साथ लगती गली में नाला निर्माण कार्य को लेकर विवाद हो गया। विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना में मंदिर कमेटी के सदस्य समेत तीन अन्य पर हथोड़े व कस्सी से वार किया गया, जिनका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने हमलावरों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साढौरा के सवानिया मोहल्ला निवासी अमित सेतिया ने थाना साढौरा पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह कृष्णा मंदिर कमेटी के सदस्य हैं। मंदिर के पास गली में नाला ठीक कराने के लिए नगर पालिका की ओर से लेबर लगाई गई थी। वह लेबर के पास खड़े थे। नाले के पास ही खल फीड की दुकान है। दुकान के आगे रैंप बना हुआ था, जिसे नाले के निर्माण कार्य के लिए हटाना जरूरी था। जैसे ही मजदूरों ने रैंप तोड़ना शुरू किया तो दुकान मालिक बीर सिंह, उसका भाई राजेंद्र व रामकुमार वहां पहुंच गए और लेबर से बहस करने लगे और काम रुकवा दिया।
आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते बीर सिंह ने मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने लोहे के हथोड़े और लेबर की कस्सी छीनकर उस पर हमला कर दिया। वहां खड़े जतिन चुघ, पंकज मेहंदीरत्ता व मनोज मेहंदीरत्ता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को पहले साढौरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जगाधरी और बाद में यमुनानगर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। थाना साढौरा पुलिस का कहना है कि शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।