संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग ने फीस जमा न करने वाले शराब ठेकेदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की ओर से शराब ठेकों पर सील लगाई है। यह सभी शराब ठेके महेंद्र सिंह की फर्म के हैं। इन शराब ठेकों की अगस्त माह से लगभग एक करोड़ रुपये की फीस बकाया है। इस कार्रवाई से अन्य शराब ठेकेदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि कई अन्य फर्माें पर भी इसी तरह से लाइसेंस फीस बकाया है। उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
शराब ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर एक्साइज पालिसी की आड़ में महंगी शराब बेच रहे हैं। गुपचुप तरीके से ठेकों को सबलेट किया गया है। जिले में 55 जोन में शराब के 110 ठेके हैं। अधिकतर को सबलेट किया गया है। पूर्व में भी जिले में जहरीली शराब कांड हो चुका है। उस समय भी सबलेट किए गए फूंसगढ़ के ठेके से जहरीली शराब सप्लाई हुई थी। इस तरह से सबलेट किए गए ठेके पर विभाग का कोई नियंत्रण नहीं होता। वह केवल फर्म को ही नोटिस करते हैं। जबकि वहां पर अन्य लोग शराब बेचते हैं। वह लाभ कमाने के लिए अपनी मर्जी के दाम रखते हैं।
आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने रक्षक विहार, भाटली, एससेल मार्केट व बस स्टैंड जगाधरी के शराब ठेकों को सील किया है। फर्म को कई बार लाइसेंस फीस जमा कराने के लिए नोटिस दिया गया लेकिन फीस जमा नहीं कराई गई। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी नियमों की उल्लंघना करने वाले शराब ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा चुकी हैं। उनके ठेकों पर सील लगाई गई। तीन से चार दिन तक ठेके सील रहे।