यमुनानगर। नगर निगम ने मॉडल टाउन व आसपास सड़कों किनारे लग रहीं फास्ट फूड व अन्य खानपान की रेहड़ियां शिफ्ट करने के लिए फूड कॉर्ट बनाया है। इसके लिए अफसरों ने शक्तिनगर में निर्माण कार्यों पर लाखों रुपये तो खर्च दिए, पर योजना सिरे चढ़ाने में शायद दिलचस्पी नहीं ली। तभी सालभर में भी फूड कॉर्ट तो बन नहीं पाया है, पर यहां कचरा डंपिंग यार्ड के हालात जरूर बन गए हैं।
फूड कॉर्ट के लिए नाले पर डाली गई पूरी स्लैब पर कचरा व अन्य गंदगी फैली है। इसमें दिनभर गोवंश व अन्य पशु मुंह मारते नजर आते हैं। ये हालात देख निवर्तमान पार्षद निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि यहां निगम अफसरों ने लाखों रुपये केवल ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए खर्चे, चूंकि इससे आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला बल्कि यहां गंदगी बढ़ाकर आसपास के लोगों और राहगीरों को परेशानी दे दी है।
2022 में था कचरा कलेक्शन प्वाइंट, 2023 में लगा फूड काॅर्ट का काम-
वार्ड आठ के शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के सामने नाले पर स्लैब डालने के साथ सड़क के साथ लगते हिस्से को मिलाकर वर्ष 2022 में कचरा कलेक्शन प्वाइंट बनाया गया था। यहां से कचरा उठान का ठेका लेने वाली एजेंसी के छोटे वाहनों से कचरा गिराया जाता था फिर बड़े वाहनों से उसका उठान कर निस्तारण के लिए कचरा प्लांट ले जाया जाता था। यहां कचरे का नियमित उठान न होने के आरोप लगाते हुए आसपास के लोगों द्वारा विरोध किया गया। इस पर वर्ष 2023 में यहां से कचरा कलेक्शन प्वाइंट खत्म कर दिया गया। साथ ही यहां फूड कॉर्ट के नाम से वेंडिंग जोन बनाने की योजना बनी। इसके तहत यहां मॉडल टाउन व अन्य स्थानों पर सड़कों किनारे खड़ीं फास्ट फूड व खानपान की रेहड़ियों को शिफ्ट किया जाना था, जिससे सड़कों पर इनके कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिले। करीब सौ रेहड़ियां खड़ी क्षमता वाले फूड कॉर्ट के लिए वेयर हाउस गोदाम व हाईडिल कॉलोनी के बीच से निकल रहे नाले पर भी स्लैब डाली गई। साथ ही ऊपर शेड डाल जल निकासी के पाइप व पेयजल के पाइप व नल लगाए गए। इस तरह योजना पर लाखों रुपये खर्चे गए, पर यह साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई।
सिर्फ ठेकेदार को लाभ पहुंचाने को खर्चे लाखों रुपये-
वार्ड से निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि शक्तिनगर में फूड कॉर्ट के नाम पर नगर निगम अफसरों ने सिर्फ ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपये खर्चे हैं, क्योंकि अभी तक इसका आम जनता को तो कोई लाभ नहीं हो पाया है। जबकि नाले पर स्लैब डाल दिए जाने के बाद इस पर कचरा गिराया जाने लगा है। पूरी स्लैब पर कचरा, गोबर व अन्य गंदगी का आलम है। इससे आसपास के लोगों व आने-जाने वाले राहगीरों को दुर्गंध की परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा जिस एजेंसी को कचरा उठान का ठेका दिया गया है, उसके वाहन भी यहां कचरा गिरा जाते हैं। लेकिन मामले में कार्रवाई का जिम्मा संभाले निगम अफसर लगातार अनदेखी कर रहे हैं।
वर्जन-
इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। जो कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी। अगर कहीं खुले में कचरा गिराया जा रहा है तो संबंधित शाखा के अफसरों को उठान व कार्रवाई के निर्देश देंगे।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।