नहरों की सप्लाई की बंद
एक लाख क्यूसेक पानी आने पर पश्चिमी यमुना नहर व उत्तर प्रदेश जा रही पूर्वी यमुना नहरों की सप्लाई को बंद कर दिया गया। ऐसा इसलिए ताकि पहाड़ों से पानी में बहकर आई लकड़ी व गाद से नहरें जाम न हो जाएं। अब सारा पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। सुबह आठ बजे हथिनीकुंड बैराज पर 60,284 क्यूसेक, नौ बजे 73,336 क्यूसेक, 10 बजे 77,965 क्यूसेक, 11 बजे 78,773 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 77,965 क्यूसेक, एक बजे 1,09,029 क्यूसेक, दो बजे 1,04,306 क्यूसेक, तीन बजे 1,28,280 क्यूसेक और शाम 4 बजे 1,78,996 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
काठगढ़ गांव में घर का हिस्सा ढहा
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बरसाती नदियों के साथ-साथ बरसाती नाले भी उफान पर आ गए। जिससे गांव काठगढ़ में बरसाती नाले के पास बने लछमी चंद के घर के नीचे से मिट्टी पानी के साथ बह गई। नाले के उफान के कारण पानी ने घर की दीवारों को गिरा दिया। घर का आधा हिस्सा पानी में ढहने से सारा सामान बारिश में खराब हो गया। लछमी चंद के परिवार में पांच सदस्य हैं। घर गिर जाने से परिवार के सिर से छत छिन गई। लछमी चंद ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
एक लाख क्यूसेक पानी आने पर नहरों को धीरे-धीरे बंद कर दिया गया। सायरन बजाकर निचले इलाकों में रहने वाले सरपंचों व ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है कि वह नदी क्षेत्र में न जाएं। बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली में 35 घंटे में पहुंचेगा। अब यमुना नदी का पानी घटने लगा है। वहीं, सोम नदी में भी सुबह 24 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। सोम नदी का डेंजर प्वाइंट 10 हजार क्यूसेक है
। - आरएस मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
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