दूसरी ओर बारिश से हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। नूंह के रीठठ गांव में मकान की पिछली दीवार गिरने से एक ही परिवार के 5 सदस्य मलबे में दब गए। इस घटना में उम्मर (12) और नायरा (7) की मौत हो गई, जबकि सलीम, उसकी पत्नी और पांच वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हैं। बच्चें को दिल्ली रेफर किया गया है। इसके अलावा, हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के रामधन बीज फार्म की बिल्डिंग के मुख्य द्वार पर बना छज्जा गिरने से चिनाई मिस्त्री जगविंद्र की मौत हो गई। एचएयू प्रशासन की ओर से जगविंद्र को सोमवार को छज्जे की मरम्मत के लिए भेजा गया था। जब वह छज्जे को मरम्मत करने के लिए पलस्तर को झाड़ रहे थे तो छज्जा ही नीचे गिर पड़ा। परिजनों ने एचएयू प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में बारिश अभी थमेगी नहीं। छिटपुट और भारी बारिश का चलन आगामी दिनों तक जारी रह सकता है। 13 से 15 अगस्त तक हरियाणा के दो से तीन जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके लिए मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया, 14 व 15 अगस्त को कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। बारिश से अंबाला व यमुनानगर में दिन के तापमान में 5 डिग्री की गिरावट आई है। 16-17 अगस्त को एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा। इनके असर से अब 15 अगस्त के बाद एक बार फिर से पूरे प्रदेश में मानसून में सक्रियता देखने को मिलेगी।
शिवालिक की पहाड़ियों में हुई बारिश से हथिनीकुंड बैराज पर पानी का स्तर बढ़ रहा है। सोमवार को यमुना नदी से 34,443 क्यूसेक पानी दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया है। हालांकि जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। कर्मचारियों को हर समय अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं। बैराज पर शाम पांच बजे तक 34443 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। वहीं, सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग का कहना है पहाड़ों पर अभी रुक-रुक कर बारिश हो रही है, इसलिए बैराज पर स्थिति सामान्य है। कर्मियों को पूरी तरह से अलर्ट रहने के आदेश है। हर घंटे बैराज के जलस्तर को दर्ज किया जा रहा है। पानी का बहाव 70 हजार क्यूसेक पहुंचने पर बैराज के सभी गेट खोल दिए जाएंगे।
सोनीपत में यमुना का पानी 40 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन अलर्ट है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार यमुना का जायजा ले रहे हैं। वहीं यमुना में पानी छोड़ने से आसपास के गांवों के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। यमुना बैड (यमुना नदी के अंदर क्षेत्र) में पानी आने से उसमें उगाई गई बेल व हरे चारे की कुछ फसलें जरूर बर्बाद हो गई हैं।
अब तक 300 एमएम बारिश
मानसून सीजन में अब तक 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 15 फीसदी ज्यादा है।