संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। स्कूल बसों को लेकर आरटीए की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रादौर स्थित हरिओम शिवओम स्कूल की 15 बसों की जांच की गई। इस दौरान एक बस का चालान किया गया। अन्य बसों में कुछ खामियां मिली। जिन्हें दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय संचालकों को दिया गया।
पिछले दिनों बाल संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण में स्कूल बसों में खामियां मिली थी। जिसके बाद से ही आरटीए की ओर से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी के तहत मानक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत स्कूल बस में लेडी अटेंडेंट का होना अनिवार्य है। वह और चालक दोनों वर्दी में होने चाहिए। गले में आई कार्ड होना चाहिए।
चालक के पास पांच वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। इसके साथ ही स्कूल बस के अंदर जीपीएस अनिवार्य है। स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरा, फायर एग्जीक्यूशर, चालक की पुलिस वैरिफिकेशन, फर्स्ट एड बाक्स होना अनिवार्य है। आरटीए से अनुमति प्राप्त रूट मैप होना चाहिए। स्कूल बस का इंश्योरेंस, प्रदूषण, फिटनेस पूरी होनी चाहिए।
कैमरा की रिकार्डिंग 15 दिन की बस के अंदर व तीन माह की स्कूल प्रशासन के पास होनी चाहिए। अधिकतर स्कूल बस सभी मानकों पर खरा नहीं उतरती है। आरटीए इंस्पेक्टर विकास यादव ने बताया कि विशेष अभियान के तहत सभी स्कूल संचालकों को बसों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी में खामी है तो उसे ठीक कराया जा सके। आगे भी इसी तरह से नियमित चेकिंग की जाएगी।