संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सड़कों की खामियां दूर करने से बच रहे अधिकारियों को डीसी पार्थ गुप्ता ने मंगलवार को बड़ी नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना जरूरी है। ऐसे कागज काले करने से कुछ नहीं होगा। सभी को धरातल पर कुछ काम करके दिखाना होगा।
वरना हर बार ऐसे ही चाय-पकौड़े खाकर चले जाने से कुछ नहीं होगा। अगली बार जब बैठक होगी तो उसमें कोई भी एजेंड़ा लंबित नहीं रहना चाहिए। भगवान ने आप सभी को लोगों की सेवा करने का बहुत अच्छा मौका दिया है। इसलिए किसी को भी इससे बिल्कुल भी चूकना नहीं चाहिए। पार्थ गुप्ता ने यह बात मंगलवार को लघु सचिवालय में सड़क सुरक्षा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
अपनी नियुक्ति के बाद पहली बार रोड सेफ्टी की बैठक ले रहे डीसी पार्थ गुप्ता को जब यह बताया गया कि जिले में 70 ऐसे ब्लैक स्पॉट हैं जहां पर सबसे ज्यादा हो रहे हैं तो यह सुनकर वह हैरान रह गए। हर बार घुमा फिरा कर इन्हीं ब्लैक स्पॉट को बैठक में रखा जा रहा है।
यह भी 2019 से ही लंबित चले आ रहे हैं। इस पर डीसी ने अधिकारियों से कहा कि इनमें से पहले उन 15 ब्लैक स्पॉट पर काम होगा जहां पर सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। टीम मौके पर जाकर उसका निरीक्षण करेगी। संबंधित अधिकारी को बताकर वहां खामियों को दूर किया जाएगा। अगली बैठक में यह 15 ब्लैक स्पॉट रोड सेफ्टी की बैठक में लंबित नहीं होने चाहिए। वर्ष 2024 में जिले में 216 सड़क हादसों में 227 लोगों की जान चली गई और 124 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस पर डीसी ने सभी अधिकारियों से पूछा कि हादसों को कम कैसे किया जा सकता है।
परंतु किसी ने भी कोई बात नहीं रखी। उन्होंने सभी से गत वर्ष के मुकाबले कम से कम 20 प्रतिशत लोगों की जान बचाने को कहा। वहीं डीसी ने रोड सेफ्टी के करीब 13 लाख रुपये के बकाया फंड को जल्द से जल्द सड़क सुरक्षा पर खर्च करने को कहा ताकि वह पैसा वापस न जाए।