संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुसिंबल में सरपंच के घर और खारवन चौक पर क्रेन संचालक रिषपाल के कार्यालय पर हुई फायरिंग की वारदात को एक ही गिरोह के बदमाशों ने अंजाम दिया है या नहीं, पुलिस इसकी कड़ियां जोड़ने में जुटी है। दोनों घटनाओं में बाइक सवार तीन-तीन बदमाशों के शामिल होने और उनके हुलिए में समानता सामने आने के बाद पुलिस को एक ही आरोपियों के होने की आशंका है।
पुलिस अब तक 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच चुकी है। इनमें यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बदमाश किस रास्ते से वारदात स्थल तक पहुंचे और फायरिंग के बाद किस रास्ते से भरे। पुलिस आसपास लगे कैमरों की फुटेज भी जुटा रही है।
हालांकि दोनों वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। अगर जांच में दोनों घटनाओं के पीछे वही बदमाश हैं तो यह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। पुलिस फायरिंग की घटनाओं के पीछे के कारणों और आरोपियों के संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस दोनों परिवारों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में बाल छप्पर गांव के पूर्व सरपंच पति रसपाल की हत्या के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद और हत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ था।
इसके बाद बाल छप्पर गांव में सतनाम सिंह की हत्या हुई थी। उस समय विदेश में रह रहे उसके बेटे वीरेंद्र ने कथित तौर पर परिजनों से फोन पर पिता की हत्या का बदला लेने की बात कही थी। पुलिस अब इन घटनाओं और मौजूदा फायरिंग के बीच किसी संभावित कड़ी की भी जांच कर रही है।
फायरिंग के बाद गांव में खुली थी चौकी
करीब चार साल पहले पंचायत चुनाव के दौरान बाल छप्पर गांव में सरपंच पद की महिला प्रत्याशी लाल सिंह की पत्नी अनुराधा के घर पर फायरिंग हुई थी। आरोप था कि नामांकन से एक रात पहले बदमाशों ने घर पर गोलियां चलाकर चुनाव नहीं लड़ने की धमकी दी थी। पुलिस ने मामले में गांव के गुरप्रीत और अनिल को गिरफ्तार किया था। जांच में पुलिस ने दावा किया था कि दोनों ने गैंगस्टर बाबू के इशारे पर फायरिंग की थी। पुलिस के अनुसार बाबू उस समय अमेरिका में था और पंचायत चुनाव में अपना दबदबा कायम करना चाहता था। घटना के बाद गांव में अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की गई थी।
70 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस दोनों फायरिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान में जुटी है। अब तक 70 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा चुकी है। पुलिस की नजर खास तौर पर उन रास्तों पर है, जिनसे बाइक सवार बदमाश वारदात के बाद फरार हुए। दोनों घटनाओं में तीन-तीन बदमाशों के होने और हुलिया समान होने से पुलिस को आपस में कनेक्शन की आशंका है। हालांकि अभी पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दोनों ही वारदातों को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच और मिलान किया जा रहा है। बदमाशों की तलाश में सीआईए और पुलिस की टीम लगाई गई हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - कमलदीप गोयल, एसपी, यमुनानगर।