संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के संयुक्त आह्वान पर मुख्य दमकल केंद्र यमुनानगर में चल रह कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को 21वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन हुंकार भरी।
दूसरे दिन पांच कर्मचारी विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, विजय कुमार, देशराज और पंकज कुमार को फूल मालाएं पहना कर भूख हड़ताल पर बैठाया गया। जिला प्रधान विजेंद्र सिंह, जिला सचिव रिंकू कुमार, अग्निशमन राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार न्याय देने में दोहरी नीति अपना रही है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में झूला दुर्घटना के शिकार हुए पुलिस निरीक्षक को सरकार ने शहीद का दर्जा, एक करोड़ रुपये की सहायता और नौकरी दी, लेकिन 16 फरवरी को फरीदाबाद कालका स्टील अग्निकांड में जान गंवाने वाले भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह को अब तक न्याय से वंचित रखा गया है।
उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 22 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। कच्चे पे-रोल और कौशल कर्मचारियों को फायर ऑपरेटर के पदों पर समायोजित करना। 5000 रुपये जोखिम भत्ता और 7500 रुपये अन्य भत्ते प्रदान करना। नियमित कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में राहत।
महासचिव भारद्वाज ने विभागीय मंत्री विपुल गोयल के उस बयान की कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि आग बुझाने का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगें न मानी गईं, तो एक मई से नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा भी काम बंद हड़ताल में शामिल हो जाएगा। गर्मियों का यह सीजन आग लगने के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, साथ ही सफाई व्यवस्था ठप होने से महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।