यमुनानगर। जिले के सलेमपुर बांगर गांव में वीरवार सुबह गैस सिलिंडर से रिफिलिंग के दौरान अचानक हुए धमाके में सात बच्चों और दो महिलाओं समेत कुल 11 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हादसे में झुलसी एक गर्भवती महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल से भी एक बच्चे को छोड़ कर सभी को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे 12 नंबर क्वार्टर के कमरे में श्रमिक एक सिलिंडर से दूसरे में गैस रिफिल कर रहे थे और परिवार की महिलाएं क्वार्टर के बाहर आंगन में अंगीठी के बने चूल्हे पर सुबह का भोजन बना रही थी। इस दौरान रिफिलिंग करते समय गैस लीक हो गई और आग पकड़ ली। इससे घर में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके से क्वार्टर का दरवाजा टूट कर बाहर गिर गया और कमरे के अंदर व बाहर खड़े लोग आग की चपेट में आ गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कमरे में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आग से क्वार्टर नंबर 11 व 13 की बीच की दीवारें तक ढह गईं और लेंटर में भी दरारें आ गईं। आसपास के लोग धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और आग में झुलसे लोगों को उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना सदर पुलिस एवं एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। आग से झुलसने वाले लोगों में बिहार के जिला मधुबनी के गांव बलानसेर निवासी दो माह की गर्भवती संगीता देवी, उसका पति रामशरण, संगीता की बहन नेहा व सरस्वती, फूफा रामज्ञान, चार साल की बच्ची शांति, 11 साल की शुभवती, रीना व उसकी दो माह की बेटी सिमरन, छह साल की विजयंती, आठ साल की अंशु शामिल है। अस्पताल में प्रारंभिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने 10 घायलों को गंभीर हालत के कारण चंडीगढ़ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। जबकि अंशु का ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है।
- करीब 60 प्रतिशत तक झुलसे बच्चों की हालत गंभीर
हादसे में करीब 60 प्रतिशत तक झुलसने वालों में सात मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्भवती संगीता की स्थिति बेहद गंभीर है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घायलों का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है, लेकिन कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
- दो प्रवासी परिवारों पर टूटा कहर, एफएसएल ने मौके से जुटाए साक्ष्य
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी लोग दो प्रवासी परिवारों से संबंधित हैं, जो गांव में किराए पर रहकर मजदूरी का काम करते हैं। हादसे के समय दोनों परिवार एक ही घर में मौजूद थे, जिससे नुकसान ज्यादा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जिसके साथ ही टीम ने राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ मामले की जांच भी शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में गैस रिफिलिंग के दौरान लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। संवाद
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस टीम द्वारा मौके पर गहनता से जांच की जा रही है। किसी की तरफ से अभी कोई शिकायत नहीं दी गई है। फिलहाल घायल बयान देने की स्थिति में नहीं है। घायलों का उपचार होने के बाद बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- तरसेम, थाना प्रभारी सदर जगाधरी।