संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेतों में दूर तक जहां पर नजर जाती है कहीं पर भी धान की फसल खड़ी नजर नहीं आती है। बावजूद इसके मंडियों में अचानक धान की आवक फिर से बढ़ गई है। मंगलवार को मंडियों में 25,430 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। वहीं, एक दिन पहले 8,991 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसान आरोप लगा रहे हैं कि मंडियों में दूसरे राज्यों से धान मंगवा कर बेचा जा रहा है। इस काम में मंडियों के स्टाफ से लेकर आढ़ती और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मिले हुए हैं। यही वजह है कि मंडियों में पिछले साल से बहुत ज्यादा धान अभी तक खरीदा जा चुका है। वह भी तब जब तेज मानसून में आई बाढ़ की वजह से धान की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और उत्पादन भी कम हुआ। इसलिए धान की खरीद शक पैदा कर रही है।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर का कहना है कि छछरौली, जगाधरी, छछरौली व प्रतापनगर की मंडियों में ही यूपी व अन्य राज्यों का धान सबसे ज्यादा आता है। अब जो धान आ रहा है वह भी इन्हीं मंडियों में सबसे ज्यादा बिक रहा है। खेतों में कहीं भी धान का खेत दिखाई नहीं देता। इसलिए जांच होनी चाहिए कि इन मंडियों में अब धान कहां से आ रहा है। एक तरफ अधिकारी कम उत्पादन होने की बात कह रहे हैं और दूसरी तरफ मंडियों में खरीद के रिकॉर्ड टूट रहे हैं।
जिला की सभी 13 मंडियों में 6,59,207 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इस अवधि में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 3,03,736 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2,32,458 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम द्वारा 1,23,014 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। मंडियों से 6,22,235 एमटी धान का उठान हो चुका है जो कि 94.39 प्रतिशत है। 36,972 एमटी धान अभी मंडियों में उठान के लिए पड़ा है।
व्यासपुर अनाज मंडी में 64,799 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 82,591 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 9,356 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 91,020 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 3,540 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 5,270 मीट्रिक टन, प्रतापनगर अनाज मंडी में 1,22,536 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 1,18,098 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 58,966 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 51,917 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 14,402 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 36,212 मीट्रिक टन, यमुनानगर अनाज मंडी में 501 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।