यमुनानगर। अंबाला में खनौरी बॉर्डर पर एमएसपी गारंटी कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) संगठन से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल की।
किसान लघु सचिवालय के सामने जगाधरी अनाज मंडी गेट पर टेंट लगाकर बैठे। भूख हड़ताल पर बैठने वाले 11 किसानों को फूलों के हार पहनाए गए। इसके बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ व डल्लेवाल के समर्थन में नारेबाजी की।
शाम चार बजे भूख हड़ताल खत्म करने के बाद किसान लघु सचिवालय में पहुंचे जहां पर डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया।
एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल करने वालों में भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना के अलावा किसान ईश्वर सिंह, पप्पल, रीटा चहल, कृष्ण पाल सुढल, सतीश कुमार, रविंद्र, राजेश खंडवा, चंद्रपाल, महिंद्र सिंह चाहड़ो, रुपिंद्र बैठे। किसान सुबह ही लघु सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर पहुंच गए और भूख हड़ताल शुरू कर दी।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान आंदोलन 2020 की शेष रही मांगों सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं। इस आंदोलन में सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाला खनौरी बॉर्डर पर किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं।
उनकी सेहत बेहद नाजुक स्थिति में हैं। किसानों की सभी मांगे जायज है। इसलिए सरकार किसानों से बातचीत कर जगजीत सिंह के जीवन को बचाने का काम करें। अन्यथा देशी के किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
संजू गुंदियाना ने कहा कि कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी से बाहर प्राइवेट स्थान को भी मंडी मानना की शर्त गत है। इससे किसान को सीधा-सीधा नुकसान होगा। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव को लेकर होने वाली व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी। प्राइवेट स्थल पर केवल एक ही व्यापारी होगा जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिलेगा।
यह उन तीन कानूनों का हिस्सा है जिनका किसानों ने देशभर में विरोध किया था। इसलिए इस मसौदे को तुरंत वापस लिया जाए। वहीं किसान आंदोलन व प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए सभी केस वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान अकेला नहीं हैं।
हरियाणा के किसान भी उनके साथ खड़े हंै। मौके पर परविंद्र सिंह, गुरविंद्र सिंह, महिंद्र सिंह, ज्वाला सिंह, संतोख सिंह, सचिन कुमार, मोहन लाल, नवाब सिंह, रोहित सिंह। राज कुमार, कुलबीर सिंह, अमनदीप सिंह, विक्रम पंजेटा, रामचरण समेत अन्य मौजूद रहे।