यमुनानगर। बिजली टावर के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और डीसी को मांगों का ज्ञापन सौंपा। यहां किसानों ने आरोप है कि उनकी जमीनों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस दौरान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतिंद्र लोचब ने कहा कि प्रशासन की ओर से किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसानों का कहना है कि मुआवजा तय करने के लिए बनाई मार्केट रेट कमेटी का गठन नियमों के विरुद्ध है। किसानों ने कहा कि कमेटी में शामिल लोगों पर प्रभावित किसानों की सहमति नहीं है।
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असली किसान प्रतिनिधियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे मुआवजा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा तय किए जा रहे मुआवजे के रेट पूरी तरह मनमाने हैं। न तो जमीन की वर्तमान बाजार कीमत को ध्यान में रखा गया है और न ही हाईटेंशन लाइनों के कारण जमीन के मूल्य में आई गिरावट का सही आकलन किया गया है।
इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों ने मांग की है कि एमआरसी कमेटी तत्काल प्रभाव से भंग की जाए और नई कमेटी का गठन किसानों की सहमति से किया जाए। इसके साथ ही मुआवजा प्रक्रिया पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा