फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का जिला सचिवालय कूच, गेट पर रोक

विज्ञापन
डीसी पार्थ गुप्ता को किसानों की समस्या से अवगत करवाते भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। यूरिया खाद की किल्लत और गन्ने का भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार को जिला सचिवालय कूच किया, जहां पुलिस ने मेन गेट बंद कर किसानों को रोक दिया। इससे नाराज किसानों ने वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे उप कृषि निदेशक जसविंद्र सिंह ने रविवार तक यूरिया की किल्लत दूर करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसान शांत हुए। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी रविवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार को फिर डीसी ऑफिस का घेराव किया जाएगा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना की अगुवाई में मंगलवार को अनाज मंडी गेट के सामने किसान एकजुट हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय का घेराव करने के लिए पहुंचे। जैसे ही किसान सचिवालय पहुंचे तो पुलिस ने मुख्य गेट को बंद कर उन्हें रोक दिया। इससे आक्रोशित किसानों और पुलिस में काफी बहस हुई। जब गेट नहीं खोला गया तो किसानों ने वहीं पर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन

मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के डीडीए जसविंद्र सिंह और एसडीएम सुशील कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने किसानों को समझाने का बहुत प्रयास किया, किंतु किसान यूरिया का हिसाब देने की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों को यूनियन के ही लेटर पैड पर यूरिया की खपत के बारे में बताया, मगर इससे भी किसान संतुष्ट नहीं हुए। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने अधिकारियों के सामने ही आरोप लगाया कि किसानों के हिस्से की यूरिया फैक्टरियों में सप्लाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। इस पर अधिकारी अपनी सफाई देते नजर आए।
किसानों ने कहा कि सरस्वती शुगर मिल को चले एक माह होने को है, परंतु अभी तक किसी भी किसान का भुगतान नहीं किया गया। नाराज किसानों ने मिल प्रबंधन के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग उठाई। इस पर एसडीएम सुशील कुमार ने मिल प्रबंधन से बातचीत कर मौके पर मिल अधिकारी कौशिक को बुलाया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी न होने के चलते पेमेंट नहीं हो पा रही है। इसके बाद डीसी पार्थ गुप्ता खुद किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने किसानों को जल्द भुगतान का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन

खुद किसान फैक्टरियों में करेंगे छापामारी
किसानों ने अधिकारियों को कहा कि जब फैक्टरी में यूरिया खाद को पकड़ लिया जाता है तो खाद को पुलिस अपने कब्जे में ले लेती है। ऐसे में खाद वहीं पर ही पड़ा रहता है, जबकि इसे किसानों में वितरित कर देना चाहिए। इस पर किसानों ने कहा कि जब उन्हें पता चलेगा किस फैक्टरी में यूरिया खाद की सप्लाई हो रही है तो वे खुद वहां छापामारी करेंगे। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहमति जताई। ऐसे में अब किसान खुद फैक्टरी में जाकर छापामारी करेंगे। इस दौरान किसानों ने डीसी पार्थ गुप्ता को कहा कि गांव कांजनू में मीट फैक्टरी का लाइसेंस रद्द करें अन्यथा 16 दिसंबर को किसान रादौर एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे।

गेट की दूसरी तरफ बैठे किसानों से बातचीत करते सीआईडी के कर्मचारी। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें