संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/साढौरा। अनाज मंडियों में पहले दिन धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। मंडियों में सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में धान लेकर आते रहे, परंतु कहीं पर भी खरीद नहीं हो सकी। वहीं साढौरा अनाज मंडी में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। धान की तुलाई डिजिटल कांटों से न किए जाने पर किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। देर रात तक जाम लगा था।
जिले में पहले दिन मंडियों में 5511 मीट्रिक टन धान पहुंचा था। मंगलवार से धान की खरीद हो सकती है। सरकार की ओर से ग्रेड ए धान 2389 रुपये व ग्रेड बी धान 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। अनाज मंडी साढौरा में धान फसल की तुलाई के लिए आढ़तियों द्वारा डिजिटल कांटे न लगाए जाने से गुस्साए किसानों ने साढौरा-दोसड़का मार्ग पर जाम लगा दिया।
इससे पूर्व भाकियू टिकैत ग्रुप व चढूनी ग्रुप के किसानों ने मार्कें कमेटी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी मांग को जायज ठहराते हुए मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार से बातचीत की, लेकिन नतीजा न निकलने पर किसानों ने अनाज मंडी गेट के बाहर सड़क के दोनों तरफ ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाने के बाद पल्लड़ बिछाकर जाम लगा दिया।
किसानों का कहना था कि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अबकी बार किसानों की धान की तुलाई मंडियों में डिजिटल कांटों से कराने की बात कही थी। इसी को लागू करने के लिए किसान लगातार मंडी प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। मगर अभी तक किसानों की इन मांगों पर कोई बात आगे नहीं बढ़ पाई।
इसी रोष स्वरूप सोमवार को भाकियू चढूनी व भाकियू टिकैत ग्रुप के किसानों ने डिजिटल कांटे लगाए जाने की मांग को लेकर पहले मार्केट कमेटी कार्यालय में धरना प्रदर्शन करते हुए मंडी प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर कोई नतीजा निकला। जिसके बाद किसानों ने अनाज मंडी गेट के सामने सड़क पर पल्लड़ बिछाकर जाम लगा दिया।
लिखित आश्वासन तक धरने से नहीं उठेंगे : सैनी
भाकियू चढ़ूनी प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी ने बताया कि जब मंडी प्रशासन व आढ़तियों को सरकार ने डिजिटल कांटे से तुलाई करने के आदेश दे दिए तो इन्हें अब तक क्यों नहीं लगाया गया। यह किसानों के साथ धोखा है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें उच्चाधिकारियों से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक वो धरना समाप्त नही करेंगे। देर शाम डीएमयू ईश्वर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। किसान डिजिटल कांटे से ही धान की फसल की तुलाई करवाने की मांग अड़े हुए हैं।
लिखित में आदेश नहीं : सुरेंद्र कुमार
मार्केट कमेटी साढौरा के सचिव सुरेंद्र कुमार का कहना है कि उनके पास सरकार की तरफ से डिजिटल कांटे लगाए जाने बारे कोई लिखित आदेश नहीं हैं। फिर भी सभी आढ़तियों से डिजिटल कांटे लगाए जाने को लेकर बात की है। आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को धान बेचने में कोई भी असुविधा न हो।
जगाधरी अनाज मंडी में धान की तौलाई करते मजदूर। संवाद