यमुनानगर। जली फसलों का मुआवजा दिलाने, गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों किसान मंगलवार को सड़क पर उतर आए। किसानों ने पहले कन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक नेशनल हाईवे पर रोष मार्च निकाला। इससे हाईवे पर जाम जैसा लग गया। इसके बाद लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। डीसी के बाहर न आने पर किसान सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। करीब 15 मिनट तक गेट के सामने नारेबाजी करते रहे। डीसी के आने पर किसानों ने उन्हें राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे राज्य स्तर पर आंदोलन करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जिलेभर के सैकड़ों किसान मंगलवार सुबह कन्हैया साहिब चौक के पास एकत्रित हुए। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जली फसलों का मुआवजा न मिलने, स्वामी नाथन रिपोर्ट लागू न करने और किसान नेताओं की गिरफ्तारी किए जाने पर भड़के किसान प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे-73 पर उतर आए। हाथों में बैनर लिए किसान नेशनल हाईवे पर कन्हैया साहिब चौक से नारेबाजी करते हुए पंचायत भवन, जगाधरी अनाजमंडी गेट से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। रोष मार्च के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसान डीसी को ज्ञापन देने के लिए लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचे। लेकिन, डीसी उनका ज्ञापन लेने नहीं आए। इसके बाद किसान गेट के समक्ष बैठ गए। डीसी के आने पर किसान नेताओं ने उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष कर्मसिंह मथाना और संयोजक बाबू राम गुंदयाना ने कहा कि 12 मई को किसान अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। बार-बार आग्रह करने के बाद भी मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं आया। इसे लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने फैसला लिया कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर ही जाएंगे। वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए रात भर धरने पर बैठे रहे। पुलिस ने 13 मई की सुबह बिना किसी कारण के यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी समेत किसान नेताओं को जेल में बंद कर दिया। कहा कि जब तक किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता और उनकी अन्य मांगों को नहीं माना जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। मौके पर प्रदेश सचिव हरपाल सुढैल, जिला प्रधान संजू गुंदयाना, राजेंद्र सिंह, संजू सरांवा, कशमीरी लाल, कृष्णपाल, संदीप महेश्वरी, कृष्ण कुमार, गुरमुख छछरौली, संदीप टोपरा, अनिल मंडेबर, वीरेंद्र मंडेबर, राम सिंह आदि शामिल थे।
ये हैं मुख्य मांगें
जेल में बंद किसान नेताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आग में जली गेहूं की फसल का 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट जल्द लागू की जाए।
गेहूं की फसल में जो आग बिजली निगम की खामियों के कारण लगी है। उसका मुआवजा बिजली निगम से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ किसान को दिया जाए।
किसानों की सूरजमुखी व मक्का की फसल की सरकारी खरीद शुरू की जाए।
सरकार द्वारा किसानों का सारा कर्जा माफ किया जाए।
पूरे देश में किया जाएगा प्रदर्शन
किसान नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ में बेकसूर किसानों को जेल में डाल दिया गया। इसलिए उनमें सरकार के प्रति रोष है। सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक मुख्यमंत्री उनके बेकसूर साथियों को रिहा नहीं करते। उन्होंने कहा यदि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो इस प्रकार का प्रदर्शन पूरे हिंदुस्तान में किया जाएगा और फिर भी सरकार समय रहते नहीं जागी तो आंदोलन को बड़ा रूप प्रदान करते हुए सड़क जाम का निर्णय लिया जाएगा।
जाम में फंसे कई रोडवेज बसे, यात्री हुए परेशान
किसानों के प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे पर करीब आधा घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। वाहनों की लंबी लंबी कतारे किसानों के पीछे लग गई। इस दौरान कई रोडवेज बसें और सैकड़ों वाहनों जाम में फंसे रहे। जिससे बसों में सवार यात्रियों को काफी परेशानियां हुई। कई लोग अपने गंतव्यों पर पहुंचने में लेट हुए।
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किसानों ने रादौर-जठलाना मार्ग पर एक घंटा लगाया जाम
यमुनानगर/जठलाना। गांव खजूरी के एक किसान पर बिजली चोरी का झूठा मामला बनाए जाने पर मंगलवार को किसान भड़क उठे। किसानों ने भारतीय किसान यूनियन प्रदेश सचिव विजय मेहता और जिला प्रधान सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में बिजली निगम के कार्यालय पर अधिकारियों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसानों से जब कोई अधिकारी मौके पर बातचीत करने नहीं पहुंचा तो गुस्साए किसानों ने बिजली निगम के कार्यालय के सामने रादौर-जठलाना मार्ग पर रोड जाम कर दिया। लगभग एक घंटा रोड जाम रहने के बाद बिजली निगम यमुनानगर के एक्सईएन नीरज कुमार किसानों से बातचीत करने मौके पर पहुुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले को लेकर वीरवार की शाम चार बजे किसानों और बिजली कर्मचारियों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमेें मामले का समाधान निकाला जाएगा।
किसान नेता विजय मेहता ने बताया कि बिजली कर्मचारियों ने रंजिशन किसान यूनियन के जिला महासचिव शमशेर खजूरी के घर पर बिजली का छापा मारा था। इस दौरान बिजली कर्मचारियों को मौके पर कोई चोरी की घटना नहंीं मिली। कर्मचारियों ने किसान नेता पर रंजिशन बिजली चोरी का झूठा मामला बनाकर 40 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया है। जो सरासर गलत है। कहा कि यदि वीरवार तक समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो किसान सड़कों पर आंदोलन करेंगे। मौके पर विजय मेहता, सुभाष गुर्जर, रमेश ढिल्लों, पुष्पेंद्र धौड़ंग, नाथीराम, धर्मबीर अमलोहा, जयपाल चमरोडी, मामचंद राणा, समयसिंह, ऋषिपाल, जयदयाल, शेरसिंह, सुरेंद्र, सुभाष, साहब सिंह, त्रिलोचन, सेठी सिंह, रोशनलाल, अशोक, सुभाष चमरोडी आदि किसान मौजूद थे।