अंबाला से हरिद्वार जा रहे प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज को काले झंडे दिखाने के लिए किसान नेशनल हाईवे नंबर 344 पर पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के डायरेक्टर मंदीप सिंह रोडछप्पर की अगुवाई में हाईवे पर पहुंचे किसानोें की पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई। गृहमंत्री का काफिला आते देख पुलिस कर्मियों ने काला झंडा दिखा रहे किसानों को जबरदस्ती हाईवे से खदेड़ दिया। काफिला वहां से गुजरने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
दरअसल गृहमंत्री के निकलने की पुलिस को पहले ही सूचना थी। काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसकी भनक किसानों को भी लग गई और भाकियू के डायरेक्टर मंदीप सिंह की अगुवाई में किसान रोड छप्पर मोड पर पहुंच गए। गृहमंत्री का काफिला आते देख किसान झंडा दिखाने के लिए काफिले की ओर बढ़े। इस दौरान यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और मंदीप को जबरदस्ती उठाकर रोड से दूर ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच बहस हुई। किसान काले झंडे दिखाने की जिद पर अड़े थे।
मंदीप रोड छप्पर ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर किसान लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली बार्डर पर धरने पर बैठे हैं। उकृषि कानून किसानों के हित में नहीं है। कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए, लेकिन सरकार उनकी मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। किसानों ने एलान किया हुआ है कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक भाजपा के हर कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। इस दौरान किसान गरिंद्र सिंह, चेतन सिंह व बलविंद्र सिंह भी उनके साथ रहे।
जिला पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि सोमवार को गृहमंत्री अनिल विज की काफिला गुजरना था। टोल प्लाजा छप्पर के पास भाकियू नेता गृह मंत्री का विरोध करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें अपने मकसद में कामयाब नहीं होने दिया। गृहमंत्री अनिल विज का काफिला बिना किसी रुकावट के निकल गया।