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शिक्षामंत्री के आवास पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसानों ने जगाधरी अनाज मंडी में इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे। यहां किसानोें ने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि इस दौरान शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर आवास पर नहीं थे।
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किसान नेताओं ने यमुनानगर शहर के भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के आवास का घेराव टाल दिया। इनका तर्क था कि जिले में केवल शिक्षामंत्री ही किसानों के खिलाफ बोलते हैं। घनश्याम दास अरोड़ा ने अब तक कोई विरोध नहीं किया है और न ही उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर कोई बात कही है। इसलिए उन्होंने कॉल करके विधायक से कह दिया कि किसान उनके आवास पर नहीं आएंगे। भाकियू टिकैत गुट के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने कहा कि इन कृषि कानूनों से न केवल किसान बल्कि देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित होगा। जनहित में ये कानून वापस लिए जाएं। चढूनी गुट के भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान और मजदूर इस देश की रीढ़ हैं। किसान मजदूर से टकराकर कोई भी सत्ता ज्यादा दिन तक ठहर नहीं सकती। किसान नेता सतपाल कौशिक ने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे व एमएसपी पर खरीद की गारंटी देनी होगी। कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही किसान वापस जाएंगे। किसानों ने कहा कि आज प्रदेश की विभिन्न अनाज मंडियों की तरह यमुनानगर की मंडियों में भी हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा है। जिसे अभी तक खरीदा नहीं दिया। जबकि सरकार कहती है कि किसान का दाना दाना खरीदा जाएगा। अब बहाना यह बनाए जा रहा है कि यह दूसरा राज्यों से लाया गया है। इस दौरान किसान संघ से जरनैल सिंह, भाकियू डायरेक्टर मनदीप रोड छप्पर, महिपाल चमरौडी, प्यारेलाल तंवर, गुरबीर सिंह, नरेश कंबोज, रुपिंदर कौर, साहब सिंह, गुरभजन सिंह सङू, सतपाल, गुरबीर सिंह, करणवीर, सुभाष शर्मा, दिलबाग, बाजेंद्र सिंह राणा मौजूद रहे।
कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में मनाया काला दिवस
यमुनानगर। जिला कांग्रेस के कोविड सेवा केंद्र पर किसानों के समर्थन में शनिवार को काला दिवस मनाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से ही किसान विरोधी रही है। किसानपिछले 6 महीने से दिल्ली बॉर्डर पर इकट्ठे होकर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। आंदोलन में करीब 400 शहीद हो चुके हैं। किसानों ने दो दिन पूर्व सरकार को दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए पत्र भेजा है। हम आशा करते हैं कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़ यथाशीघ्र बातचीत शुरू करेगी। कांग्रेसियों ने मांग की कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून तत्काल निरस्त करें। इस अवसर पर देवेंद्र चावला, चौधरी नर पाल गुर्जर, देवेंद्र सिंह, सचिन शर्मा, मोहन जयरामपुर, मेम सिंह दहिया, कुलजीत सिंह, महिंद्र हरतोल, चरणजीत सिंह काका, सत प्रकाश उपस्थित रहे। ब्यूरो
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