भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत देर रात 10 बजे यमुनानगर पहुंचे। वे शुक्रवार को विकास नगर में जाते समय धौड़ंग गांव व त्रिकोणी चौक पर कुछ देर के रूके थे। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसान लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं और मांगें पूरी होने पर ही पीछे हटेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना महामारी की आड़ में उन स्थानों पर प्रतिबंध लगा सकती है, जहां बड़ी संख्या में किसान बैठे हैं, लेकिन यह सरकार हमें डिगा नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं है, बल्कि यह गरीब, छोटे व्यापारियों के लिए भी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए हमने नवंबर-दिसंबर तक की तैयारियां की हैं। उन्होंने कहा कि अब आम आदमी की समझ में भी आने लगा है कि यह न केवल किसानों के लिए बल्कि सभी वर्ग के लिए नुकसानदेह साबित होंगे। उन्होंने कहा कि 26 मार्च को केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को चार महीने पूरे हो रहे हैं। भारत बंद के दौरान देश के कई हिस्सों में रेल और सड़क परिवहन प्रभावित होगी तथा बाजार भी बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र को कृषि कानून वापस लेने चाहिए तथा एमएसपी पर कानूनी गारंटी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब एमएसपी पर कानून बनेगा तभी किसानों का भला होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि यमुनानगर जिले का प्रत्येक किसान आंदोलन में पूरी तरह से साथ है और शुक्रवार का बंद पूरी तरह से सफल होगा। जिले की सभी मार्केट एसोसिएशन से भी बात हो गई है और वे भी इसमें पूर्ण सहयोग देंगे।