केंद्रीय सहकारी बैंक का जिले के 45 हजार 320 किसानों पर 168 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है जिसकी वसूली बैंक ने शुरू कर दी है। बैंक द्वारा कर्ज की वसूली शुरू करने पर किसान भड़क गए।
किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (गुणी प्रकाश गुट) के बैनर तले मंगलवार को केंद्रीय सहकारी बैंक की मुख्य शाखा के सामने प्रदर्शन किया। किसानों ने बैंक के जनरल मैनेजर हरिमोहन गोदारा को शिकायत देकर कर्ज की वसूली न करने की मांग की।
जनरल मैनेजर और किसान नेताओं के बीच बहस भी हुई। किसानों ने उनके कार्यालय में ही उनके खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी बैंक अधिकारी या कर्मचारी कर्ज की वसूली करने आएगा तो उसे बंधक बना लिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (गुणी प्रकाश गुट) के प्रदेश महासचिव अमर पाल आर्य और जिला प्रधान सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में जिले के किसान मंगलवार सुबह करीब पौने 11 बजे एनएच 73 पर जिला रोजगार कार्यालय स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक की मुख्य शाखा पर पहुंचे।
यहां बैंक की ओर से कर्ज वसूलने के विरोध में नारेबाजी की। किसान बैंक के जनरल मैनेजर हरिमोहन गोदारा को शिकायत देने के लिए उनके कार्यालय में गए। यहां उनकी जनरल मैनेजर से बहस हुई। जनरल मैनेजर ने किसानों को कहा कि कर्ज की रिकवरी जारी रहेगी, यह उनका पर्सनल काम नहीं, बल्कि सरकारी है, इसलिए जिन किसानों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है, उसकी रिकवरी जरूर की जाएगी। इससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने जीएम कार्यालय के अंदर ही नारेबाजी शुरू कर दी।
किसानों ने जनरल मैनेजर को चेतावनी दी कि यदि कोई भी बैंक अधिकारी या कर्मचारी किसानों के पास रिकवरी करने आएगा तो उसे बंधक बना लिया जाएगा। प्रदर्शन में किरपाल, ऊधम सिंह राणा, रमेश ढिल्लों, रमेश ढलौर, पवन जुब्बल, सतनाम सिंह, विक्रम सिंह, रणधीर सिंह, राजेश, रामपाल, विनय कुमार, सुरेश कांबोज, जसवंत सिंह, एडवोकेट अजय सिंह, पंडित जगन्नाथ, ऋषिपाल, नरेश धीमान, संजू धौड़ंग, बलदेव सिंह, राजेंद्र कांबोज, अमन, विनय, सुखदेव, नाथीराम शामिल रहे।
सरकार ने रोका तो बैंक क्यों कर रहा वसूली
यूनियन जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने कहा कि केंद्रीय बैंक के अधिकारी जिले के किसानों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। पूरे हरियाणा में किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सरकार ने कर्ज वसूली की प्रक्रिया को अगले आदेशों तक रोका हुआ है। ऐसे में इसी बैंक के अधिकारी किसानों को रिकवरी का नोटिस देकर मानसिक तनाव क्यों दे रहे हैं।
..तो सभी बैंकों को लगा देंगे ताला
प्रदेश महासचिव अमर आर्य ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद धान के मूल्यों में भारी गिरावट आई है। बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं की बर्बादी हुई और शुगर मिल की गन्ने की पेमेंट में आनाकानी, पॉपुलर के दामों में भारी गिरावट से किसानों की आर्थ्क स्थिति बिगड़ गई है। फिर भी बैंक प्रबंधन किसानों से वसूली करने पर अड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैंक प्रबंधन ने अपना रवैया नहीं बदला तो सभी सहकारी बैंकों को ताला लगा देंगे।
जिले में 45 हजार 320 किसानों पर 168 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है जिसकी रिकवरी जारी है। इस बारे में मंगलवार को किसानों ने शिकायत दी। किसानों की शिकायत को आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। जब तक सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश नहीं आते, तब तक रिकवरी जारी रहेगी।
हरिमोहन गोदारा, जनरल मैनेजर, केंद्रीय सहकारी बैंक, यमुनानगर।