फर्जी खरीद बिल बनाकर अवैध खनन सामग्री को वैध बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने खनन से भरे दो ट्रक जब्त कर तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दूसरे राज्यों की रॉयल्टी फर्म के खरीद बिल और सरकारी ई-रवन्ना में फर्जीवाड़ा कर प्रतिदिन सरकार को करीब दस लाख रुपये की चपत लगाई जा रही थी। बड़े पैमाने पर चल रहे गोलमाल की जानकारी आरटीओ द्वारा ओवरलोड में पकड़े गए दो वाहनों के कागजातों की जांच करने पर पता चली।
तिलक नगर निवासी समाजसेवी डॉ. रवि कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ लोग ट्रक और डंपर में हिमाचल प्रदेश से रेत, बजरी, डस्ट व स्टोन मैटेरियल लेकर हरियाणा आते हैं। ये लोग खनिज सामग्री के जाली बिल और सरकारी ई-रवन्ना तैयार करते हैं और जब भी कोई सरकारी विभाग इन ट्रकों के कागजात को चेक करता है तो जाली बिल और ई-रवन्ना दिखाकर बच जाते हैं। यह लोग लगातार गलत कार्य कर रहे हैं और काफी पैसा कमा रहे है। शिकायत में बताया गया कि एक दिसंबर की रात को थाना छछरौली में ट्रक नंबर एचआर58-बी-0631, एचआर58-बी-8268 ओवरलोड खनिज में इम्पाउंड हुए हैं, जो ट्रक नंबर एचआर58-बी-0631 के बिल इनवाइस नंबर वाईएमएम/20-21/05044 दिनांक 01.12.2020 मुबलिग 10500 रुपये जो कि यमुना माइन एण्ड मिनरल, गोजर अडेन, पावंटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी किया गया है। वहीं ट्रक नम्बर एचआर58-बी-8268 के बिल इनवाइस नंबर-2845 दिनांक 01.12.2020 मुबलिग 12075 रुपये जो यक्ष इंडस्ट्री, गांव रामपुर घाट, पावंटा साहिब, जिला सिरमौर द्वारा जारी किया गया है। इन बिलों पर फर्म के जाली हस्ताक्षर व जाली मोहर हैं। यह जाली कागजात जानिब नाम के व्यक्ति द्वारा तैयार किया जा रहे हैं। इन ट्रकों के मालिकों के नाम रिजवान अली वासी पिपली माजरा व मुस्तकीम अहमद वासी पंजेटो है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। वहीं जाबिन की तलाश की जा रही है।