रोडवेज की बसों में नकली स्टूडेंट पास से सफर करने का मामला उजागर हुआ है। बसों में जांच के दौरान नकली पास मिलने पर पूछताछ में खुलासा हुआ कि आईटीआई के बाहर ही एक व्यक्ति असली पास को स्कैन कर नकली बनाता है। बदले में विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूलता है। लंबे समय से चल रहे इस खेल का भंडाफोड़ होने के बाद आईटीआई और रोडवेज प्रबंधन में हड़कंप मचा है।
रोडवेज की बस में नकली पास के साथ पकड़े गए स्टूडेंट्स ने विभाग को बताया कि वह आईटीआई की कैंटीन में था, उसी दौरान किसी स्टूडेंट्स ने नकली बस पास बनवाने के बारे में जिक्र किया। उसने बताया कि आईटीआई के बाहर एक व्यक्ति रोडवेज के असली बस पास को स्कैन कर सस्ते दामों में नकली पास बनाता है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उससे पास बनवाए हैं। इससे पहले भी रोडवेज की बसों में इस तरह के सात-आठ केस मिल चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इससे न सिर्फ रोडवेज को बल्कि सरकार को भी चूना लगता रहा। विदित हो कि बस पास बनवाने के लिए संस्थानों द्वारा ही स्टूडेंट्स का डाटा रोडवेज में भेजा जाता है, जिसकी राशि भी जमा होती है। उसके बाद विभाग की तरफ से विद्यार्थियों के लिए बस पास बनाए जाते हैं।
विभाग का बसपास का ब्योरा
स्टूडेंट्स 1498
कर्मचारी 53
जनरल 171
इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसका पता लगाया जाएगा, क्योंकि मामला बहुत ही गंभीर है। इस बारे में रोडवेज महाप्रबंधक से बातचीत की जाएगी।
-अश्वनी कुमार, अतिरिक्त प्रिंसिपल, आईटीआई यमुनानगर।
चेकिंग स्टाफ द्वारा आईटीआई स्टूडेंट को नकली पास के साथ पकड़ा गया है, जिसमें स्टूडेंट पर जुर्माना लगाया गया है। विभाग के पास पांच-छह और भी नकली पास बनाने के केस आ चुके हैं। पकड़े गए स्टूडेंट ने बताया कि आईटीआई के बाहर एक व्यक्ति आकर असली पास को स्कैन कर उससे नकली बना रहा है जो कि स्टूडेंट से अलग-अलग पैसे भी ले रहा है। विभाग इसका पता लगा रहा है जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
-बालकराम, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।