संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लगातार घंटों तक मोबाइल स्क्रीन देखने की आदत के कारण आंखों में सूखेपन (ड्राई आई) की समस्या बढ़ रही है। इसका प्रमुख कारण पलकों का कम झपकना है। जिला नागरिक अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों की ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग आंखों में खुजली, जलन, लालपन, पानी आना और धुंधला दिखाई देने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल गोयल ने बताया कि आजकल हर आयु वर्ग के लोग लंबे समय तक मोबाइल, लेपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाए रखने से पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों का प्राकृतिक लुब्रिकेशन प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया कि इससे आंखों में सूखापन, खुजली, जलन, चुभन और थकान महसूस होती है। कई मरीजों को धुंधला दिखाई देने और आंखों से लगातार पानी आने की शिकायत भी रहती है। इस समस्या से बचने के लिए स्क्रीन का लगातार उपयोग करने के बजाय बीच-बीच में आंखों को आराम देना जरूरी है। 20-20-20 नियम अपनाना लाभदायक है।
उन्होंने सलाह दी कि हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पलकें सामान्य रूप से झपकाने की आदत डालें और आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आई ड्रॉप का उपयोग करें। यदि आंखों में लगातार जलन, दर्द या धुंधलापन बना रहे तो बिना देरी किए नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
आंखों में लगातार सूखापन रहने पर खुजली, जलन, चुभन, लालपन और आंखों में किरकिराहट की समस्या हो सकती है। कई बार मरीज को धुंधला दिखाई देने लगता है और लंबे समय तक पढ़ने या स्क्रीन देखने में परेशानी होती है। गंभीर मामलों में आंखों की बाहरी सतह पर सूजन या घाव बनने का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होने की आशंका रहती है।
एक मिनट में 15 से 20 बार झपकती हैं पलकें
डॉ. गोयल के मुताबिक स्वस्थ व्यक्ति सामान्य परिस्थितियों में एक मिनट में औसतन 15 से 20 बार पलकें झपकता है। हर बार पलक झपकने से आंखों की सतह पर आंसुओं की एक नई परत फैलती है, जो उन्हें नम रखती है और धूल-कणों से भी बचाती है। लेकिन मोबाइल, लैपटॉप या अन्य डिजिटल स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाने के दौरान पलक झपकने की संख्या घटकर पांच से सात बार प्रति मिनट रह जाती है। इससे आंसू सूखने लगते हैं।