संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। सीएचसी स्वास्थ्य सुविधाओं की इस कमी से परेशान मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप गुप्ता ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग से गुहार की। उनकी इस गुहार की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने इसकी सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख तय करते हुए इससे एक सप्ताह पहले तक स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को अपनी रिपोर्ट दायर करने के निर्देश दिए हैं।
गुप्ता ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सक तो दूर की बात है फिलहाल सीएचसी में सामान्य रोगों की जांच के लिए भी दो ही चिकित्सक तैनात है। जबकि पांच पद रिक्त है। चिकित्सकों की कमी के कारण शाम चार बजे से लेकर अगली सुबह दस बजे तक सीएचसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं होता है। जिसकी वजह से आपातकालीन मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता है।
चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है। मानवाधिकार आयोग से यह शिकायत करने के बाद उन्हें सूचित किया गया है कि आयोग के न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन ने इस बारे में 18 अगस्त को सुनवाई करने बारे स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप से अब सीएचसी में चिकित्सकों के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी दूर होने की उम्मीद जगी है।