संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लोग रात को पूरी तरह से स्वस्थ सोते हैं। सुबह उठते हैं तो शरीर अकड़ा हुआ मिलता है। बुखार के साथ-साथ जोड़ों में भी दर्द होने लगता है। यह सब लक्षण हैं वायरल बुखार के। मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल की ओपीडी में 70 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं। कई दिनों तक तो दवाइयां भी असर नहीं कर रही। सरकारी से लेकर बिजली अस्पतालों में वायरल बुखार से ग्रस्त मरीजों का तांता लगा है। वायरल बुखार को कोई डेंगू बता रहा है तो कोई चिकनगुनिया।
मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल के एमडी डॉक्टर सचिन शर्मा बताते हैं कि उनके पास रोजाना करीब 250 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें से 175 से 200 मरीज वायरल बुखार के हैं। इस वक्त जो वायरल बुखार हो रहा है उसमें जोड़ों में दर्द हो रहा है। लोग हाथों व घुटनों से नीचे पांवों में दर्द की ज्यादा शिकायत कर रहे हैं। बुखार को ठीक होने में कई दिन लग रहे हैं। बुखार की चपेट में हर उम्र के लोग आ रहे हैं। इस वायरल को लोग हल्के में भी बिल्कुल भी न लें।
बीमार लोग वायरल को डेंगू व चिकनगुनिया मान रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। मरीजों की इस बेबसी का फायदा डॉक्टर भी भली भांति उठा रहे हैं। वह मरीजों को डेंगू, प्लेटलेट्स के टेस्ट कराने की सलाह दे रहे हैं। एमबीबीएस डॉक्टरों के जो अस्पताल हैं उनमें तो अपनी लैब खुली हुई है। इसलिए वह अपनी लैब में ही टेस्ट करवा लेते हैं। एक टेस्ट के 800 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
वहीं ग्रामीण इलाकों में बैठक आरएमपी डॉक्टर ब्लड का सैंपल लेने के लिए लैब संचालक को अपने क्लीनिक पर ही बुला रहे हैं। एक डॉक्टर दिनभर में जितने मरीजों का टेस्ट कराएगा उसी आधार पर शाम को लैब संचालक उनके हाथों में कमीशन की राशि थमा देगा। बीमार लोग भी उनके बहकावे में आ जाते हैं और एकदम से टेस्ट कराने को तैयार हो जाते हैं।
डेंगू के पांच व चिकनगुनिया के तीन केस मिले
जिले में डेंगू व चिकनगुनिया के केस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को डेंगू के पांच नए केस मिले। अब जिले में डेंगू के कुल मरीज 154 हो गए हैं। इसी तरह चिकनगुनिया के तीन नए केस के साथ इनकी संख्या 83 हो गई है। जिला मलेरिया विभाग की टीम ने मंगलवार को 6708 घरों में जाकर जांच की। इस दौरान 107 घरों में डेंगू मच्छर का लारवा मिला। लारवा मिलने पर विभाग ने सभी को नोटिस थमाया।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त है टेस्ट की सुविधा : डॉ. सुशीला
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया सभी प्राइवेट लैब में डेंगू टेस्ट करने के लिए 600 रुपये फीस निर्धारित कर रखी है। यदि कोई 600 रुपये से ज्यादा फीस लेते मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वायरल व डेंगू के लक्षण अलग अलग हैं। डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच की सुविधा सभी पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध हैं। इसलिए सरकारी अस्पताल में टेस्ट करवा सकते हैं।