संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ईएसआई अस्पताल जगाधरी में डॉक्टरों की भारी कमी का खामियाजा हजारों बीमित कर्मचारी और उनके परिजन भुगत रहे हैं। अस्पताल में स्वीकृत पदों के मुकाबले अधिकांश डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। हालत यह है कि इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
ईएसआई अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 26 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 20 पद लंबे समय से खाली हैं। केवल छह मेडिकल ऑफिसर ही कार्यरत हैं। इसके अलावा जूनियर स्पेशलिस्ट के 12 पदों में से एक पद रिक्त है, जबकि फिजियोथेरेपिस्ट का स्वीकृत पद भी खाली पड़ा है। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 300 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश ऐसे कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य होते हैं, जो हर महीने अपने वेतन से ईएसआई अंशदान जमा करते हैं। बावजूद इसके उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ईएसआई लाभार्थियों को उपचार के लिए पहले अपने क्षेत्र की डिस्पेंसरी में जाना पड़ता है। वहां बीमारी का उपचार नहीं होने पर उन्हें ईएसआई अस्पताल जगाधरी रेफर किया जाता है। कई बार घंटों की भागदौड़ के बाद मरीजों को पता चलता है कि संबंधित बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल में डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में उन्हें जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया जाता है। उपचार के लिए पहुंचे जयपाल ने बताया कि वह अपने पिता का उपचार कराने ईएसआई में आया था लेकिन यहां पर डॉक्टर ही नहीं मिले। रेफरल प्रक्रिया में ही आधा दिन निकल जाता है। जब तक वे जिला नागरिक अस्पताल पहुंचते हैं, तब तक पर्ची कटवाने का समय समाप्त होने की स्थिति बन जाती है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
कर्मचारियों में बढ़ रहा असंतोष
ईएसआई अस्पताल में लगातार खाली पड़े पदों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष आशीष धीमान का कहना है कि नियमित अंशदान देने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उन्हें अपने अधिकार के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
ईएसआई अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 26 में से 20 पद खाली हैं। खाली पदों को भरने के लिए मुख्यालय को लिखा है। मजबूरी में मरीजों को रेफर करना पड़ता है। - डॉ. सुमन चौहान, एमएस ईएसआई अस्पताल।